मंगलवार, 29 दिसंबर 2020

भैंस ने सड़क पर गोबर किया, ग्वालियर नगर निगम ने दस हजार रू का जुर्माना लगाया, भैंस मालिक को जमा करना पड़ा जुर्माना

 ग्वालियर, 28 दिसंबर 2020 भैंस ने सड़क पर गोबर किया तो उसका खामियाजा उसके मालिक को भुगतान पड़ा। नगर निगम ने मालिक पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। नगर निगम के अफसर मालिक के घर पहुंच गए और अंतत: मालिक को 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ा।

घटना ग्वालियर के सिरौल रोड स्थित डीबी सिटी के पास की है। यहां पर सड़क का काम चल रहा है। इसी दौरान भैंस वहां से निकली और उसने गोबर कर दिया। दरअसल, डीबी सिटी के पास नगर निगम नई सड़क बनवा रहा है। निर्माण कार्य चल रहा था, तभी वहां पास ही रहने वाले बेताल सिंह की भैंस आ गई। भैंस ने सड़क पर गोबर कर दिया। इसके बाद निगमायुक्त संदीप माकिन ने भैंस को सड़क से हटाने के निर्देश दिए। क्षेत्राधिकारी व डब्ल्यूएचओ ने भैंस को हटाने की कोशिश की, लेकिन बहुत कोशिशों के बाद भी भैंस नहीं हटी। तभी वहां भैंस का मालिक बेताल सिंह आ गया। वह भैंसों को हांक कर अपने साथ ले जाने गया।


इस पर निगमायुक्त ने सड़क पर गोबर करवाने पर तत्काल जुर्माना करने का आदेश दिया। इसके बाद क्षेत्राधिकारी मनीष कन्नौजिया व वार्ड स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र धीरज बेताल सिंह के घर पहुंचे और उस पर 10000 रुपये का जुर्माना लगाया है। सड़क पर भैंस द्वारा गोबर करने पर निगम द्वारा 10000 रुपये जुर्माने की कार्रवाई की गई है। यह जुर्माना बेताल सिंह ने निगम में जमा कर दिया है। — मनीष कन्नौजिया, क्षेत्राधिकारी, नगर निगम, ग्वालियर

अमृत परियोजना के तहत पानी एवं सीवर की लाईन डालने के लिये खोदी गईं सड़कें 26 जनवरी तक यथास्थिति में लाई जाएँ : किए जा रहे कार्यों की मॉनीटरिंग निगम के इंजीनियर करें संभाग आयुक्त ने अमृत परियोजना की समीक्षा की

 अमृत परियोजना के तहत शहर में पानी एवं सीवर की लाईनों को बिछाने के लिये जो सड़कें खोदी गई हैं उन्हें 26 जनवरी तक यथा स्थिति करने की कार्रवाई की जाए। अमृत परियोजना के सभी ठेकेदार तत्परता से रोड़ ठीक करने का काम करें। संभागीय आयुक्त एवं नगर निगम प्रशासक श्री आशीष सक्सेना ने सोमवार को अपने निवास स्थित ऑफिस पर अमृत परियोजना की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए हैं।

    संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने कहा कि अमृत परियोजना के तहत जो भी कार्य अनुबंध के अनुसार किए जाना है वह पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में किए जाएं। किए जा रहे कार्यों की निगम अधिकारी निरंतर मॉनीटरिंग करें। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन, सीई जल संसाधन विभाग श्री श्रीवास्तव, अधीक्षण यंत्री श्री आर एल एस मौर्य, कार्यपालन यंत्री श्री जागेश श्रीवास्तव, श्री रामू शुक्ला सहित अमृत परियोजना से जुड़े अधिकारी और कॉन्ट्रेक्टर उपस्थित थे।
    संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने परियोजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि शहर के लिये अमृत परियोजना एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके माध्यम से लोगों को लम्बे समय तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध्ध होगा। इसके साथ ही शहर की सीवर समस्या का भी स्थायी निदान हो सकेगा। परियोजना के तहत जो भी कार्यों को करने का अनुबंध किया गया है वे सभी कार्य अनुबंध की शर्तों के अनुसार पूर्ण गुणवत्ता के साथ किए जाएं। शहर में पेयजल एवं सीवर की लाईन बिछाने के लिये जो सड़कें खोदी गई हैं उससे यातायात अवरूद्ध होने के साथ ही आम जनों को परेशानी हो रही है। सड़कों के सुधार का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए।
    संभागीय आयुक्त श्री सक्सेना ने यह भी निर्देशित किया कि अमृत परियोजना के कॉन्ट्रेक्टर सड़कों को यथास्थिति बनाने के लिये समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर प्रस्तुत करें। इसी के अनुसार कार्य किया जाए। किए जा रहे कार्यों की मॉनीटरिंग के लिये निगम के इंजीनियरों को भी तैनात करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अमृत परियोजना के तहत तिघरा से मोतीझील तक बिछाई जा रही पानी की लाईन और सीवर व ट्रीटमेंट प्लांटों के निर्माण की प्रगति के संबंध में भी समीक्षा की। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि परियोजना के तहत शहर में जो भी पानी की लाईन और टंकियों का निर्माण का कार्य किया जाना है उसे करने के साथ-साथ लोगों को तत्परता से पानी का वितरण भी हो सके, यह भी सुनिश्चित किया जाए।
    बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन ने अमृत परियोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

गुना जिले के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री लोधी को संभाग आयुक्त ने किया निलंबित

 संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने गुना जिले के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री जयदीप सिंह लोधी को एसडीएम के नाम से अवैध वसूली करने तथा नवीन पात्रताधारी गरीबों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में श्री लोधी का मुख्यालय जिला कार्यालय शिवपुरी रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

    कलेक्टर गुना के प्रतिवेदन के आधार पर संभाग आयुक्त द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण व अपील के तहत श्री लोधी को निलंबित किया गया है।

रोजगार मेलों का आयोजन कर बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाया जाए, गौशालाओं को प्राथमिकता से बिजली कनेक्शन के आदेश – आयुक्त सक्सेना

 संभागीय कमिश्नर श्री आशीष सक्सेना ने प्रायवेट कंपनियों में संभाग के बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने के निर्देश संभागीय रोजगार अधिकारी को दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अधिक से अधिक कंपनियों को आमंत्रित किया जाए एवं संभाग के सभी जिलों में रोजगार मेलों का आयोजन किया जाए, ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके। यह निर्देश उन्होंने आज यहाँ आयोजित अंतरविभागीय समन्वय बैठक में दिए। इस बैठक का आयोजन गूगल मीट के द्वारा किया गया था, जिसमें सभी संभागीय अधिकारी जुड़े थे।

    इस अवसर पर संभागीय रोजगार अधिकारी ने बताया कि आईटीआई के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे अपना काम पूरी दक्षता से कर सकें। संभाग में धान उपार्जन की समीक्षा के दौरान संभागीय आयुक्त ने निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य में गड़बड़ी पाए जाने पर दोषी व्यक्ति पर पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज कराया जाए। इसी प्रकार पशुपालन विभाग के अधिकारी संभाग की सभी गौशालाओं में बिजली, पानी एवं चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करें। जिन गौशालाओं में बिजली कनेक्शन नहीं हैं वहाँ प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन कराए जाएँ।
    संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने शहरी एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन पथ विक्रेताओं के ऋण प्रकरण तैयार हो गए हैं तथा उनकी राशि का वितरण अभी नहीं हो पाया है, ऐसे प्रकरणों में राशि का शीघ्र वितरण कराया जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक को निर्देश दिए कि प्रसूति सहायता योजना पर विशेष ध्यान दिया जाए। संभागीय आयुक्त ने इस अवसर पर सीएम हैल्पलाइन, मिलावट से मुक्ति अभियान, मुख्यमंत्री किसान कल्याण, आयुष्मान भारत, संबल योजना, खाद तथा उद्यानिकी फसलों की भी समीक्षा की।

गायन - वादन से झील की लहरों की मानिद उठीं स्वर लहरियाँ "तानसेन समारोह-2020 - (प्रात:कालीन सभा 28 दिसम्बर)" सोमवार की प्रात:कालीन सभा में रसिक हुए मंत्रमुग्ध

वर्षा की बूँदें गिरने पर झील में जिस प्रकार लहरें उठती हैं, उसी मानिद अठखेलियाँ करती वायोलिन व बाँसुरी से निकली मीठी-मीठी धुनें और बुलंद और सुरीली आवाज में घरानेदार गायकी। साथ ही पखावज वादन से गूँजता आसमान । यहाँ बात हो रही है भारतीय शास्त्रीय संगीत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन समारोह” के तहत सोमवार को सजी प्रात:कालीन सभा की। इस सभा में संगीत मनीषियों ने अपने गायन-वादन से रसिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
तानसेन समारोह में प्रातःकालीन सभा की शुरुआत स्थानीय तानसेन संगीत महाविद्यालय के ध्रुपद गायन से हुई। राग "देशी" और ताल चौताल में निबद्ध बंदिश के बोल थे " रघुवर की छवि सुंदर"। पखावज पर पंडित जगत नारायण ने संगत की।

राग "गूजरी तोड़ी" में वायोलिन वादन से घुली मिसुरी...

मिसुरी से भी मीठे राग ” गूजरी तोड़ी" में जब हिदुस्तानी शास्त्रीय संगीत जगत के सुप्रसिद्ध वायोलिन वादक श्री कमल कामले ने वायोलिन वादन किया तो मीठे-मीठे सुरों से भरीं सुरीली लहरें हिलोरें लेने लगीं। रसिकों को लगा उनके कानों में मिसुरी घुल गई है। तानसेन समारोह में सोमवार की प्रातःकालीन सभा में पहले कलाकार के रूप में उनकी प्रस्तुति हुई।
राग गूजरी तोड़ी दिन के रागों में बडा ही मीठा परंतु कठिन राग है। इस राग का सृजन राजा मानसिंह की प्रेयसी एवं धर्मपत्नी मृगनयनी ने किया था। सुर सम्राट तानसेन द्वारा रचित राग " मियाँ की तोड़ी" में से यदि पंचम हटा दिया जाय तो वह राग गूजरी तोड़ी का रूप ले लेता है। इस राग में  गायन-वादन के लिये बहुत रियाज की जरूरत होती है।
श्री कामले ने वायोलिन वादन में राग गूजरी तोड़ी में विलंबित गत एक ताल और द्रुत तीन ताल में प्रस्तुत कर रसिकों का मन जीत लिया। उन्होंने जब प्रसिद्ध ठुमरी “याद पिया की आये” की धुन निकाली तो संपूर्ण प्रांगण विरहमय हो गया। कामले जी ने अपने वादन का समापन राग " परमेश्वरी" में एक धुन निकालकर किया। उनके साथ विख्यात तबला वादक सलीम अल्लाह वाले ने नफासत भरी संगत की।

राग " नट भैरव" में बाँसुरी से झरे मधुर सुर….

श्रीकांत कुलकर्णी द्वारा राग "नट भैरव" में  प्रस्तुत सुरीले एवं मनमोहक बाँसुरी वादन ने गुणीय रसिकों का मन मोह लिया। उन्होंने इस राग में आलाप जोड़ के बाद झपताल में गत प्रस्तुत की। इसी कड़ी में तीन ताल में गत बजाई। ग्वालियर निवासी श्रीयुत श्रीकांत कुलकर्णी ने सोमवार की प्रातःकालीन सभा में दूसरे कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी। उनके साथ तबले पर श्री संजय राठौर  एवं बाँसुरी पर श्री श्रेष्ठ कुलकर्णी व श्री अजय सोनी ने संगत की।

सांवरे से प्रीत लागी....

तानसेन समारोह में पुणे से पधारे देश के ख्यातिनाम गायक श्री संजीव अभ्यंकर ने जब राग " शुद्ध सारंग" में तीन ताल में निबद्ध छोटा ख्याल  " सांवरे से प्रीत लागी" का गायन किया तो वातावरण में झील के मानिद सुर लहरियाँ हिलोरें लेने लगीं। अभ्यंकर जी के गायन में उनके गुरू मेवाती घराने के मूर्धन्य संगीत साधक पंडित जसराज की झलक साफ महसूस हो रही थी। उन्होंने अपने गायन का आगाज़ राग शुद्ध सारंग और एक ताल में निबद्ध बड़ा ख्याल " सकल वन लाग रही" से की। बुलंद एवं मधुर आवाज के धनी अभ्यंकर की आलापचारी ने रसिकों पर गहरा प्रभाव डाला। उन्होंने मधुभरी आवाज में "मैं तो सांवरे के रंग रांची" भजन सुनाकर अपने गायन को विराम दिया।
संजीव अभ्यंकर मेवाती घराने से ताल्लुक रखते है और ग्वालियर घराने की गायकी में भी सिद्धहस्त हैं। वे मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा दिया जाने वाले कुमार गंधर्व राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित हो चुके हैं। संजीव अभ्यंकर फिल्मी पार्श्व गायन से भी जुड़े हैं।  फिल्म गॉडमदर में गीत सुनो रे भाइला के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड मिल चुका है। उनके साथ तबले पर देश के जाने माने तबला वादक श्री हितेन्द्र दीक्षित ने बेहतरीन संगत कर वातावरण में नए रंग बिखेरे।

पखावज वादन से संगीत रसिक हुए अभिभूत

    तानसेन समारोह की सोमवार को सजी चौथी सभा में पं. रामजीलाल शर्मा के पखावज वादन से संगीत प्रेमी अभिभूत हो गए। उन्होंने अपने वादन के लिये ताल-चौताल का चयन किया और गणेश परंत से पखावज वादन की शुरूआत की। पारंपरिक वादन शैली उनके पखावज वादन की विशेषता है, जिसे उन्होंने जीवंत करके दिखाया। पं. रामजीलाल शर्मा के पखावज वादन में कायदे व पलटे का खूबसूरत संयोजन सुनने को मिला। उनके साथ सारंगी पर उस्ताद फारूख लतीफ, हारमोनियम पर उस्ताद सलीम खाँ ने शानदार लहरा संगत की। पखावज सहयोग उनके पुत्र अनुराग शर्मा एवं उपेन्द्र सिंह ने किया। सोमवार की प्रात:कालीन सभा की यह आखिरी प्रस्तुति थी। पं. रामजीलाल शर्मा ख्यातिलब्ध मृदंग कलाकार हैं। “मृदंग सम्राट महाराज पंडित कूदऊ सिंह (दतिया-मध्यप्रदेश) के वंशधर एवं प्रतिनिधि पद्मश्री पंडित अयोध्याप्रसाद के पुत्र होने का उन्हें गौरव है। 

कलेक्टर ने दिए निर्देश, डबरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ होगी निलंबन की कार्रवाई, राशन वितरण और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में गड़बड़ी करने वाले जायेंगे जेल


घर-घर जाकर दें पात्रता पर्ची और उचित मूल्य की दुकान खुलवाकर दिलाएँ राशन
अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश, डबरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ होगी निलंबन की कार्रवाई, राशन वितरण और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में गड़बड़ी करने वाले जायेंगे जेल

सभी पात्र परिवारों को घर-घर जाकर पात्रता पर्चियाँ दें और उन्हें उचित मूल्य की दुकानों से राशन भी दिलवाएँ। इसमें किसी भी प्रकार की ढ़िलाई पर कठोरतम कार्रवाई होगी। यह निर्देश कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा राशन वितरण से जुड़े विभागों के अधिकारियों को दिए। उन्होंने समीक्षा के दौरान नगर पालिका क्षेत्र डबरा में पात्रता पर्ची व राशन वितरण की स्थिति ठीक न पाए जाने पर वहाँ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले के शेष सभी पात्र परिवारों को दो दिन के भीतर पात्रता पर्ची एवं राशन वितरित कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
    कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि उचित मूल्य की दुकानों से राशन व मिट्टी का तेल (केरोसिन) वितरण में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित समिति प्रबंधक के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा राशन की कालाबाजारी व गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ रासुका लगाई जायेगी। कलेक्टर ने बैठक में जोर देकर कहा कि समर्थन मूल्य पर जिन किसानों से धान खरीदा गया है उनकी पाई-पाई का हिसाब चुकता करें। साथ ही कहा कि धान खरीदी में गड़बड़ी करने वाली प्राथमिक साख सहकारी समितियों के प्रबंधकों एवं परिवहनकर्ताओं को जेल भेजने की कार्रवाई की जायेगी। साथ ही उनकी सम्पत्ति कुर्क कर नीलाम करने की कार्रवाई भी होगी। श्री सिंह ने केरोसिन वितरण की कड़ाई से निगरानी रखने पर विशेष बल दिया। साथ ही निर्देश दिए कि केरोसिन वितरण में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को राशन वितरण पर कड़ी निगरानी रखने की हिदायत दी।  
    समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने यह भी कहा कि जो संस्थायें राशन वितरण में गड़बड़ी करेंगीं उनसे यह काम वापस लेकर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों को दिया जायेगा। उन्होंने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से इस काम के लिये समूहों को तैयार करने को कहा।
    बैठक में सीएम हैल्पलाइन, राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों का निराकरण, प्रधानमंत्री स्व-निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मिलावट से मुक्ति अभियान सहित सरकार की अन्य प्राथमिकता वाली योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
    बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी, श्री टी एन सिंह व श्री रिंकेश वैश्य एवं जिले के सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

गंदगी फैलाने वालों के विरूद्ध वॉर्ड मॉनीटर करें प्रतिदिन चालान की कार्रवाई, नगर निगम को दिये निर्देश, संभाग आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा

 शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए वार्ड मॉनीटर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें। गंदगी करने वालों के विरूद्ध वार्ड मॉनीटरों को दण्डात्मक कार्रवाई करने के भी अधिकार दिए गए हैं। गंदगी करने वालों के विरूद्ध प्रतिदिन वार्ड मॉनीटर दण्ड की कार्रवाई भी करें। दण्ड के रूप में वसूल की गई राशि का उपयोग भी स्वच्छता के कार्य में किया जाए। संभागीय आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने सोमवार को गूगल मीट के माध्यम से स्वच्छता कार्यों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए हैं।

    संभागीय आयुक्त एवं नगर निगम प्रशासक श्री आशीष सक्सेना ने कहा कि वार्ड मॉनीटरों के साथ होमगार्ड के जवान भी तैनात किए गए हैं। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में स्वच्छता के कार्य को पूरी दक्षता के साथ कराएँ। गंदगी फैलाने वालों के विरूद्ध जुर्माने की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि विभिन्न निर्माण एजेन्सियों एवं अन्य लोग भी सड़क पर निर्माण सामग्री डालकर गंदगी करते हैं ऐसे सभी लोगों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाए। डोर टू डोर कचरा प्रबंधन के कार्य को अधिकारी सर्वोच्च प्राथमिकता दें। जिनका वार्डों में वर्तमान में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है उनमें शतप्रतिशत दरों से कचरा कलेक्शन का कार्य किया जाए।
    संभागीय आयुक्त श्री सक्सेना ने समीक्षा के दौरान यह भी कहा कि सबसे अच्छा और सबसे खराब काम किन वार्डों में किया जा रहा है इसकी रिपोर्ट भी तैयार की जाए ताकि अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित और खराब कार्य करने वालों को दण्डित किया जा सके। सभी वार्ड मॉनीटरों को 10 – 10 हजार रूपए की राशि अग्रिम के रूप में भी प्रदान की जाए। उक्त राशि के माध्यम से वॉर्ड मॉनीटर अपने-अपने क्षेत्र में स्वच्छता संबंधी छोटे-छोटे कार्य करा सकें।
    समीक्षा बैठक के दौरान यह भी निर्देशित किया गया कि कचरा वाहन जो खराब स्थिति में हैं उन्हें ठीक कराने का कार्य तेजी के साथ तत्परता से कराया जाए ताकि कचरा कलेक्शन में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। संभाग आयुक्त ने कहा कि सभी वार्ड मॉनीटर और निगम के ऐसे अधिकारी जो स्वच्छता कार्य में लगे हैं वे  प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली समीक्षा बैठक में अनिवार्यत: शामिल हों।
वार्षिक टेण्डरों का काम समय रहते किया जाए
    संभागीय आयुक्त श्री सक्सेना ने नगर निगम के अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि विभिन्न विभागों के माध्यम से वर्ष भर किए जाने वाले कार्यों के लिये वार्षिक टेण्डर का कार्य भी समय रहते किया जाए। सभी विभाग प्रमुख अपने-अपने विभाग से संबंधित वार्षिक टेण्डर का कार्य अभी से करें ताकि 31 मार्च से पूर्व सभी विभागों के टेण्डर हो सकें।
यह रहे उपस्थित
    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई समीक्षा के दौरान नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन, एडिशनल एसपी श्री पंकज पाण्डेय, अपर आयुक्त श्री नरोत्तम भार्गव सहित निगम के विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में प्रवेश हेतु काउंसिलिंग की अंतिम तिथि अब 31 दिसम्बर

 अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद नई दिल्ली के द्वारा जारी संशोधित प्रवेश समय-सारणी अनुसार प्रदेश के उत्कृष्ट तकनीकी शिक्षण संस्थान शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय शिवपुरी में प्रवेश हेतु एक और मौका दिया गया है, जिसमें संस्था स्तर की काउंसिलिंग 31 दिसम्बर तक की जाएगी।

प्राचार्य श्री आर.एस.पंथ द्वारा बताया गया कि किसी कारण से पॉलीटेक्निक में प्रवेश से वंचित रह गये छात्र संस्था की शेष बची सीटों पर 31 दिसम्बर तक आनलाईन रजिस्ट्रेशन करा कर संस्था में 29 दिसम्बर से 31 दिसम्बर 2020 के बीच उपस्थित होकर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्रवेश सुनिश्चित करायें। कक्षा 10वीं पास छात्र-छात्रायें महाविद्यालय में बिना पीपीटी परीक्षा दिये 10वी के अंकों के आधार पर सीधे ही कम्प्यूटर साईंस, इलेक्ट्रोनिक्स एवं मैकेनिकल इंजी. ब्रांच में प्रवेश ले सकते हैं।
तकनीकी क्षेत्र में कैरियर बनाने हेतु एआईसीटीई द्वारा यह आखिरी मौका दिया गया है जिसका छात्र भरपूर लाभ उठायें व आखिरी तिथि का इन्तजार न करते हुए आज ही आनलाईन रजिस्ट्रेशन करायें जिससे अंतिम समय में होने वाली तकनीकी समस्या के कारण प्रवेश में परेशानी न आये। इस सम्बंध में अधिक जानकारी के लिए मोबा. 8982520726, 9713546528, 9926294054 एवं 7000149795 पर संपर्क कर सकते है।
 

हिंदुस्तानी और पर्सियन संगीत के मिलन से सर्दी का एहसास भूले रसिक "तानसेन समारोह-2020 - (प्रात:कालीन सभा 28 दिसम्बर)"

 संगीत शिरोमणि तानसेन की याद में आयोजित हो रहे सालाना महोत्सव "तानसेन समारोह" में सोमवार 28 दिसम्बर की शाम कड़ाके की सर्दी की गिरिफ्त में थी। ऐतिहासिक शिवपुरी की छत्रियों की थीम पर बने भव्य एवं आकर्षक मंच पर जब भारतीय शास्त्रीय संगीत और विश्व संगीत का समागम हुआ तो रसिक सर्दी का एहसास भूल गए ।

सोमवार की सांध्यकालीन सभा का शुभारंभ ध्रुपद केद्र ग्वालियर के विद्यार्थियों के ध्रुपद गायन से हुआ। केद्र के गुरू श्री अभिजीत सुखदाने के संयोजन में तैयार राग "भीमपलासी" और चौताल में निबद्ध बंदिश" कुंजन में रच्यो रास " को विद्यार्थियों ने बड़े ही सलीके और ध्रुपद गायकी के मूल अंगों का निर्वहन करते हुए गाया। इस प्रस्तुति में पखवाज पर श्री संजय पंत आगले ने वेहद सधी हुई संगत की।
पर्सियन कलाकारों की त्रिगुलबंदी ने बांधा समा
    पर्सिया (ईरान) से भारत का पुरातनकाल से नाता रहा है। ईरान से आये संगीत साधकों ने जब अपने वाद्य यंत्रों से गान मनीषी तानसेन को स्वरांजलि अर्पित की तो इन रिश्तों की मिठास ताजा हो गई। ईरान से आए कला साधकों की तिकड़ी ने प्राचीन पर्सियन संगीत की धारा प्रवाहित की तो रसिक उसके माधुर्य में डूबते चले गए।
   ईरान के कलाकारों की इस त्रिगुलबन्दी में दारुश अलंजारी, हमजा बागी एवं मैशम्म अलीनागियान शामिल थे। इन्होंने किमांचे, सहतार व ढपली की त्रिगुलबंदी कर बेहतरीन प्रस्तुतियाँ दीं। ईरानी कलाकारों ने पर्सियन संगीत की कई पारंपरिक धुनें पेश कीं। मिठास से भरीं इन धुनों ने ओज भी प्रकट किया। जाहिर है रसिक भी रोमांच से भर गए। पर्सियन संगीतकारों की इस तिकड़ी ने अपने हुनर से संगीत कला जगत में विशेष मुकाम स्थापित किया है। पिछले 16 वर्षों से ये कलाकार विश्वभर में अपनी प्रस्तुतियाँ दे रहे हैं।
   भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं पर्शियन क्लासिकल म्यूजिक में काफी समानताएं हैं। ईरानी म्यूजिशियन का मानना है कि उनके यहाँ के सहतार वाद्य से ही हिंदुस्तानी सितार का सृजन हुआ है। इसी तरह वहां का कमांचे बहुत कुछ हिंदुस्तानी सारंगी की तरह है। ईरान के ढपली सहित अन्य वाद्य यंत्र भी भारतीय वाद्ययंत्रों के दूसरे रूप लगते हैं। तानसेन समारोह में प्रस्तुति देने आए संगीत साधकों ने बताया कि भारतीय शास्त्रीय संगीत में जहाँ गायन-वादन में एक बार में एक राग का उपयोग होता है वहीं पर्सियन क्लासिकल म्यूजिक में कई सुर एक साथ गाये- बजाए जाते हैं।
मलिक बंधुओं ने राग "मारवा" में बिखेरे ध्रुपद के रंग...
   तानसेन समारोह में सोमवार की सांध्यकालीन सभा की दूसरी प्रस्तुति के रूप में मलिक बंधुओं श्री प्रशांत मलिक और निशांत मलिक का ओजपूर्ण ध्रुपद गायन हुआ। मलिक बंधु ध्रुपद के दरभंगा घराने का प्रतिनिधित्व करते हैं और ध्रुपद की प्राचीन गौहरवाणी में सुमधुर गायन करते हैं। उन्होंने समयानुकूल राग "मारवा" को गायन के लिए चुना। दोनों भाइयों ने  आलाप से शुरुआत की। मध्यलय और द्रुतलय की आलापचारी करते हुए गमक और मींड का काम अपने गायन बखूबी ढंग से दिखाया । चौताल में निबद्ध बंदिश "बंशी नटवर बजाए"  को अपनी बुलंद आवाज में  बड़े ही ओजपूर्ण अंदाज़ से गाया। ध्रुपद के विभिन्न अंगों का बखूबी इस्तेमाल करते हुए उन्होंने अपने गायन का श्रंगार किया। उनके साथ पखवाज पर पंडित गौरव शंकर उपाध्याय ने ओजपूर्ण संगत का प्रदर्शन किया।
हवाईन गिटार से राग “जोग” में सुरों की बारिश
   इस सभा के अगले कलाकार के रूप में देश के जाने माने हवाईन गिटार वादक डॉ. सुनील पावगी की प्रस्तुति हुई। उन्होंने राग “जोग” में बेहतरीन गिटार वादन कर रसिकों को सुरों की बारिश से भिगो दिया। काफी ठाठ के इस राग को उन्होंने बड़े ही रंजक अंदाज में पेश किया। आलाप जोड़ झाला से शुरू करके इस राग में उन्होंने दो गतें बजाईं। विलंबित गत झपताल में और द्रुत गत तीन ताल में निबद्ध थी। पावगी जी ने दोनों ही गतों को बजाने में अपने कौशल का बखूबी परिचय दिया। डॉ पावगी यूँ तो गायकी और तंत्रकारी दोनों ही अंगों के तालमेल के साथ वादन करते हैं। उनके वादन में सरोद सितार और शहनाई का अंग भी सुनने को मिला। पावगी जी ने राग “किरवानी” में स्व रचित रचना तीन ताल में पेश की और स्व रचित धुन निकालकर अपने गायन का समापन किया।
   डॉ. पावगी की गिनती देश के गिने चुने गिटार वादकों में होती है। वे ग्वालियर में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में तार वाद्य विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। ये कहने  में कोई गुरेज नहीं कि डॉ पावगी की गिटार गाती भी है। उनके साथ तबले पर श्री अंशुल प्रताप सिंह ने संगत की।

बुधवार, 23 दिसंबर 2020

ग्वालियर व्यापार मेला 15 जनवरी से शुरू होगा , इस साल करीब एक माह विलंब से शुरू होगा मेला, चार और बड़े मेले लगेंगें

सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा है कि मध्यप्रदेश का प्रसिद्ध ग्वालियर व्यापार मेला 15 जनवरी के आसपास आयोजित किया जाएगा। मंत्री श्री सखलेचा से मंत्रालय वल्लभ भवन में मंगलवार को कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स के साथ ग्वालियर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भेंटकर मेले की तैयारियों के सम्बन्ध में जानकारी भी दी।

इस अवसर पर श्री सखलेचा ने कहा कि ग्वालियर में मेलों की समृद्ध परम्परा को देखते हुए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की अवधारणा पर केंद्रित 4 मेले और लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नवरात्र (दशहरा) से दीवाली तक मेला लगाने के अलावा, औद्योगिक मेला, मध्यप्रदेश की कला को दुनिया भर तक प्रसिद्धि दिलाने के लिए आर्ट मेला तथा महिला स्वसहायता समूहों और महिला उद्यमियों के उत्पादों को पहचान और बाजार उपलब्ध कराने के लिए मेला आयोजित किये जाने की योजना है।

व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने मंत्री श्री सखलेचा का आभार व्यक्त किया। 

तानसेन समारोह-2020 - तीन किलोमीटर के दायरे में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर और 100 मीटर की परिधि में अस्त्र-शस्त्र धारण करने एवं प्रदर्शन पर भी प्रतिबंध

भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव "तानसेन समारोह" की तैयारियाँ जारी हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने समारोह आयोजन स्थल अर्थात तानसेन समाधि के तीन किलोमीटर के दायरे में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही तानसेन समारोह आयोजन स्थल के आस-पास 100 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र धारण करने एवं उनके प्रदर्शन पर भी पूर्णत: प्रतिबंध लगाया गया है।
   यह आदेश 26 दिसम्बर से 30 दिसम्बर तक प्रभावशील रहेगा। साथ ही आठवीं संगीत सभा के दिन यानि 30 दिसम्बर को बेहट में कार्यक्रम स्थल पर यह आदेश लागू होगा। जिला दण्डाधिकारी ने यह आदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत जारी किया है।
   ज्ञात हो तानसेन समारोह 26 दिसम्बर से शुरु होकर 30 दिसम्बर तक चलेगा। समारोह में कुल 8 संगीत सभाएँ होंगी। पहली 7 सभाएँ तानसेन समाधि स्थल पर सजेंगी। आठवीं एवं आखिरी संगीत सभा तानसेन की जन्म स्थली बेहट में झिलमिल नदी के किनारे 30 दिसम्बर को प्रात:काल में आयोजित होगी।

व्यवस्थाओं को अंजाम देने के लिये नोडल अधिकारी नियुक्त  

   विभिन्न विभागों के अधिकारियों से समन्वय बनाकर तानसेन समारोह को सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित कराने के लिये कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की है। एसडीएम ग्वालियर सिटी श्री प्रदीप तोमर (मोबा. 9425112082) को तानसेन समाधि स्थल पर आयोजित होने वाली सभाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह बेहट के लिये अनुविभागीय दण्डाधिकारी ग्वालियर ग्रामीण श्री एच बी शर्मा (मोबा. 9425743666) को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों नोडल अधिकारी तानसेन समारोह के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी निभायेंगे। 

तानसेन समारोह प्रसंगवश - ग्वालियर ने देश को एक से बढ़कर एक संगीत मनीषी दिए हैं

  भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर की सांगीतिक विरासत सदियों पुरानी हैं। कलाप्रिय राजा मानसिंह तोमर के शासनकाल या संभवत: उससे पहले ही आरंभ हुए "ग्वालियर घराने" ने देश को ब्रम्हनाद के एक से एक बड़े साधक दिए हैं। संगीत मनीषी बैजू बावरा, कर्ण और महमूद जैसे महान संगीताचार्यों और गायक गणों से सुशोभित राजा मानसिंह का दरबार हो या फिर संगीत शिरोमणि तानसेन की तान से झुका शिव मंदिर। ग्वालियर की सांगीतिक परंपरा के ऐसे ही  प्रमाणों से ऐतिहासिक ग्रंथ भरे पड़े हैं।

    ग्वालियर के सांगीतिक वैभव के बारे में तमाम इतिहासकारों ने शिद्दत के साथ लिखा है।  उर्दू इतिहासकार फरिस्ता द्वारा लिखित ग्रंथ "तारीख-ए-फरिस्ता" के शुरूआती अध्याय में ही ग्वालियर की संगीत विरासत के संबंध में विस्तार से जिक्र किया है। फरिस्ता लिखता है कि यहाँ संगीत का प्रादुर्भाव मालचंद द्वारा किया गया। मालचंद के बारे में किंवदन्तियाँ प्रचलित हैं, कि वह शास्त्रीय संगीत को दक्षिण भारत से ग्वालियर लाया। मालचंद ने लंबे समय तक ग्वालियर में साधना की। मालचंद के साथ ग्वालियर आए तलिंगी संगीतकारों के वंशज पूरे उत्तर भारत में फैल गए। फरिस्ता द्वारा लिखे गए इस वाकये से जाहिर होता है कि ग्वालियर की संगीत परंपरा बहुत पुरानी है और कई शताब्दियों से संबंध रखती है। राजा मानसिंह तोमर के राज्यकाल में ग्वालियर का सांगीतिक वैभव अपने चर्मोत्कर्ष पर पहुँच गया है।
    तोमर राजवंश द्वारा संगीत की विकास यात्रा में दिए गए योगदान के एतिहासिक प्रमाण ख्वाजा नजीमुद्दीन अहमद द्वारा लिखित "तबाकात-ए-अकबरी" में भी मिलते हैं। इस किताब में उल्लेख मिलता है कि तोमर वंशी राजा डूंगर सिंह और कश्मीर के शासक जैन-उल-आबेदीन के बीच संगीत संबंधी ग्रंथो का आदान प्रदान हुआ था। पन्द्रहवीं शताब्दी में राजा मानसिंह के प्रोत्साहन से ग्वालियर संगीत कला का विख्यात केन्द्र बना। राजा मानसिंह स्वयं भी संगीत के महान पारखी थे। उन्हें संगीत साधना में अपनी प्रेयसी रानी मृगनयनी से भी बहुत सहायता मिलती थी। मृगनयनी की यादगार के रूप में चार रागों का सृजन भी हुआ। इन रागों को मृगनयनी के नाम के आधार पर गूजरी, बहुल गूजरी, माल गूजरी और मंगल गूजरी कहा गया।
    राजा मानसिंह ने "मानकुतूहल" नामक एक संगीत ग्रंथ की रचना भी की। इस ग्रंथ में राजा मानसिंह द्वारा एक विशाल सगीत सम्मेलन कराए जाने का उल्लेख भी मिलता है। इसकी पुष्टि मुगल काल में अबुल फजल द्वारा लिखी गई प्रसिद्ध पुस्तक आइन-ए-अकबरी से भी होती है। अबुल फजल ने लिखा है कि राजा मानसिंह द्वारा आयोजित किए गए सम्मेलन में राजदरबार के कलाकारों अर्थात नायक, बख्शू, मच्चू और भानु ने ऐसे गीतों का संकलन किया जो भारतीय संस्कृति की गंगा जमुनी तहजीब के अनुकूल थे।     
    राजा मानसिंह तोमर का राजदरबार बैजू बावरा, कर्ण और महमूद जैसे महान संगीताचार्य और गायक गणों से सुशोभित था। इन्हीं के सहयोग से राजा मानसिंह ने संगीत की ध्रुपद गायकी का आविष्कार और प्रचार किया था। राजदरबार में बिख्शु, घोन्डी और चरजू के नामों का भी उल्लेख मिलता है। एम सी गांगुली द्वारा रचित "रागज एण्ड रागनीज" पुस्तक में जिक्र है कि इन्ही तीनों कलाकारों द्वारा रागों के भण्डार में एक नए प्रकार के मल्हार का प्रणयन किया, जो बख्सू की मल्हार, धोन्डिया की मल्हार और चाजू की मल्हार के नाम से मशहूर हुई।
    ध्रुपद, धमार, ख्याल, टप्पा, ठुमरी, दादरा, लेदा, गजल, तराना, त्रिपट और चतुरंग आदि संगीत शैलियाँ ग्वालियर घराने की प्रमुख विशेषताएँ हैं। राजा मानसिंह द्वारा पोषित संगीत घराने की विशेषता यह थी कि उसने उत्तर भारत के लोकप्रिय लोक संगीत को अंगीकार किया और उसे उच्च कोटि के वैविध्यपूर्ण संगीत के रूप में सजाया। इससे लोक रागों, शास्त्रीय रागों और संगीत की  पारंपरिक विविधता को एक नई और ओजस्वी अभिव्यक्ति मिली। इस घराने ने संगीत की ध्रुपद नामक एक नई शैली की आधारशिला रखी, जो तानसेन का जादू भरा स्पर्श पाकर लोकप्रियता के उच्च शिखर तक पहुंची।
    कंठ संगीत में तानसेन अद्वितीय थे। अबुल फजल ने "आइन-ए-अकबरी" में तानसेन के बारे में लिखा है कि "उनके जैसा गायक हिंदुस्तान में पिछले हजार वर्षों में कोई दूसरा नहीं हुआ है" उन्होंने जहाँ "मियां की टोड़ी" जैसे राग का आविष्कार किया वहीं पुराने रागों में परिवर्तन कर कई नई - नई सुमधुर रागनियों को जन्म दिया। तानसेन द्वारा रचे हुए “संगीत सार” और “राग माला” ग्रंथ भी उनके संगीत सिद्धांत विषयक ज्ञान के परिचायक हैं। मुगल काल में ग्वालियर का संगीत के क्षेत्र में कितना अधिक योगदान था इसका जिक्र अबुल फजल ने बड़ी शिद्दत के साथ किया है। उसने आइन-ए-अकबरी में जिन 36 महान संगीतकारों का उल्लेख किया है उनमें तानसेन सहित 16 संगीतकार ग्वालियर के ही थे।
    सिंधिया शासकों के समय भी ग्वालियर में संगीत कला खूब फली फूली। उनके आश्रय में ख्याल शैली के प्रथम शास्त्रीय घराने का भी जन्म हुआ। ग्वालियर शैली जिसे लश्करी गायकी के नाम से भी जाना जाता है। इसकी स्थापना का श्रेय हद्दू खाँ, हस्सू खाँ और नत्थू खाँ को जाता है। इन्ही तीनों भाईयों को द्रुत गति वाली ख्याल गायकी की शैली के आविष्कार का श्रेय है। इस शैली में "कलावंत" और "कब्बाली" का मिश्रण देखने को मिलता है। हद्दू खाँ और हस्सू खाँ के वंशजों और शिष्यों में रहमत खाँ और हुसैन खाँ ने भी संगीत के क्षेत्र में काफी ख्याति प्राप्त की।
    संगीत परंपरा की इसी कडी में शंकर पंडित जी ने आधुनिक काल में लोक प्रियता का परचम लहराया। उनके सुपुत्र श्री कृष्ण राव पंडित भी उच्च कोटि के संगीत कलाकार थे। इसी कड़ी में पं. लक्ष्मण कृष्णराव पण्डित ने ग्वालियर घराने की परंपरा को आगे बढ़ाया है। वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सरोद वादक जनाब अमजद अली खाँ साहब एवं अन्य युवा संगीत कलाकार ग्वालियर के संगीत का परचम दुनियाभर में लहरा रहे हैं।

हितेन्द्र सिंह भदौरिया 

विशेष शिविर आयोजित कर सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को सौंपे पेंशन प्राधिकार पत्र

 जिले में शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों का निराकरण अभियान बतौर किया जा रहा है। इस कड़ी में मंगलवार को कलेक्ट्रेट में विशेष शिविर आयोजित कर सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को पीपीओ (पेंशन प्राधिकार पत्र) सौंपे गए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा एवं अपर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को पीपीओ प्रदान किए।

    संभागीय पेंशन अधिकारी ग्वालियर एवं चंबल संभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कलेक्ट्रेट में आयोजित हुए शिविर के माध्यम से सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक श्री मिंडालाल गौड, चिकित्सा शिक्षा विभाग की सेवानिवृत्त कर्मचारी श्रीमती कमला बाई, सेवानिवृत्त उप निरीक्षक पुलिस श्री श्याम सुंदर पाण्डेय, सेवानिवृत्त सहायक ग्रेड-3 श्रीमती स्मिता उमड़ेकर, सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट ग्रेड-2 श्री ओमप्रकाश माहौर एवं सेवानिवृत्त भृत्य श्री जगदीश प्रसाद शर्मा को पेंशन प्राधिकार पत्र सौंपे गए।

दिव्यांगों को बस किराए में 50 प्रतिशत की छूट

 सभी तरह की बसों में दिव्यांगजनों को यूनिक आईडी दिखाने पर किराए में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। 

   परिवहन आयुक्त द्वारा प्रदेश के जिले के सभी क्षेत्रीय अतिरिक्त एवं जिला परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि राज्य शासन द्वारा मध्य प्रदेश के राजपत्र में 24 नवम्बर 2016 को किये गये प्रावधान के तहत समस्त प्रक्रम बस सेवाओं में विभिन्न प्रकार के दिव्यांग व्यक्तियों को प्रभारित किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जायेगी, यदि वे सक्षम प्राधिकारी का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करते हैं। निर्देश दिये गये हैं कि दिव्यांगजनों द्वारा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय अथवा राज्य सरकार द्वारा जारी युनिक आईडी (युडीआईडी) के तहत जारी किये गये परिचय-पत्र दिखाये जाने पर किराये में 50 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जाये।

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा आवेदन के विलंब शुल्क में दी रियायत, 31 दिसंबर तक विलंब शुल्क केवल 100 रूपये लगेगा

 शैक्षणिक सत्र 2020-21 की परीक्षाओं के लिए सभी छात्र अब 31 दिसंबर तक सिर्फ सौ रुपए विलंब शुल्क के साथ अपना परीक्षा आवेदन-पत्र जमा कर सकते हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करने के लिए विलम्ब शुल्क में रियायत दी है।

   सभी छात्र 15 जनवरी 2021 तक दो हजार रूपए के साथ, 31 जनवरी 2021 तक पांच हजार रूपए के साथ और परीक्षा के प्रथम प्रश्न-पत्र प्रारंभ होने के 1 माह पूर्व तक दस हज़ार रुपए विलंब शुल्क के साथ परीक्षा आवेदन-पत्र ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकते हैं। 

निगम की सेवायें आम जनों को ऑनलाइन मिलें यह सुनिश्चित किया जाए, संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने निगम के अधिकारियों की बैठक ली

 नगर निगम की आय बढ़ाने के लिये सभी करों की वसूली बढ़ाई जाए। वसूली के कार्य में किसी भी प्रकार की ढ़िलाई न बरती जाए। केन्द्र सरकार की संस्थाओं से बकाया राशि वसूलने के लिये विशेष प्रयास किए जाएं। इसके लिये वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए। सम्पत्तिकर, जल कर एवं अन्य निगम के कर लक्ष्य अनुरूप वसूलें। ई-नगर पालिका के माध्यम से ऑनलाइन कर जमा करने की सुविधायें आम लोगों को उपलब्ध हों, यह भी सुनिश्चित किया जाए।

    संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने मंगलवार को मोतीमहल के मानसभागार में नगर निगम की आय वृद्धि हेतु अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन, सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती जयति सिंह, अपर आयुक्त श्री मुकुल गुप्ता, उपायुक्त श्री जगदीश अरोरा, श्री सतपाल सिंह चौहान सहित राजस्व वसूली से जुड़े निगम के अधिकारीगण उपस्थित थे।
    संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने कहा कि निगम की सभी सेवाओं को ऑनलाइन ई-नगर पालिका के माध्यम से किया गया है। सभी प्रकार के कर भी ऑनलाइन जमा करने की सुविधा आम उपभोक्ता को ई-नगर पालिका में उपलब्ध है। ऑफ लाईन किसी भी प्रकार का कर जमा नहीं होना चाहिए। ऑनलाइन करों को प्रोत्साहित करने हेतु वार्ड स्तर पर भी वॉलेन्टियर तैयार किए जाएं। इन वॉलेन्टियरों को कर जमा कराने पर कुछ राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जा सकती है। यह वॉलेन्टियर अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक कर दाताओं को ऑनलाइन किस प्रकार घर बैठे कर जमा किया जा सकता है, इसकी जानकारी दें। इसके साथ ही करदाता के मोबाइल से ही कर जमा कराएँ।
    उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार का प्रावधान ई-नगर पालिका में रखा गया है। हमें भी सभी सेवाओं और करों को जमा करने की व्यवस्था ऑनलाइन करना चाहिए। निगम की ज्यादातर सेवायें घर बैठे लोगों को मिलें, यह सुनिश्चित किया जाए। इसके लिये वार्ड स्तर पर वॉलेन्टियर तैयार कर व्यवस्थाओं को और बेहतर करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्रीय संस्थान जो ग्वालियर में स्थित हैं जिन पर राशि बकाया है उनसे वसूली हेतु अपर आयुक्त एवं उपायुक्त स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए, यह प्रयास कर राशि जमा कराएँ।
    संभाग आयुक्त ने यह भी निर्देशित किया है कि नगर निगम सीमा में जितने भी शासकीय भवन बनते हैं उन्हें भी भवन अनुमति लेना जरूरी है। कोई भी भवन बिना भवन अनुमति के न बनें, यह सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से उसे भवन अनुमति प्रदान की जाए।
    नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन ने बताया कि गत वर्ष नगर निगम द्वारा 57 करोड़ 84 लाख रूपए राजस्व एवं 17 करोड़ 86 लाख रूपए जल कर वसूल किया था। 31 दिसम्बर तक गत वर्ष 37 करोड़ रूपए वसूली की गई थी। इस वर्ष अभी 9 करोड़ रूपए कम हुई है। 31 दिसम्बर तक अभियान चलाकर वसूली को बढ़ाया जायेगा।
    सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती जयति सिंह ने भी निगम की आय वृद्धि हेतु ऑनलाइन सेवाओं को और बेहतर कैसे किया जा सकता है, इसके संबंध में जानकारी दी।

स्वच्छता कार्य की निगरानी के लिये नियुक्त वार्ड मॉनीटर नियमित अपने क्षेत्र में भ्रमण करें - संभाग आयुक्त ( वीडियो कान्फ्रेंसिंग )

 शहर के सभी वार्डों में स्वच्छता के कार्य के लिये नियुक्त किए गए वार्ड मॉनीटर अपने-अपने क्षेत्र का नियमित भ्रमण कर कार्य को समय पर संपादित कराएँ। सफाई के पश्चात एकत्र कचरे का परिवहन भी समय पर हो, यह सुनिश्चित किया जाए। संभागीय आयुक्त एवं निगम प्रशासक श्री आशीष सक्सेना ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहर की स्वच्छता एवं यातायात प्रबंधन के संबंध में अधिकारियों से चर्चा करते हुए यह बात कही।

    संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा के दौरान कहा कि शहर के अधिक से अधिक वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का कार्य तत्परता से प्रारंभ किया जाए। डोर टू डोर कचरा प्रबंधन की सभी गाडियों में जीपीएस सिस्टम एवं माइक भी लगाए जाएँ, ताकि वार्डों में कचरा कलेक्शन के समय लोगों को सही जानकारी मिले और वाहनों की लोकेशन की भी मॉनीटरिंग की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि स्वच्छता के कार्य में छोटी-छोटी व्यवस्थाओं के लिये सभी वार्ड मॉनीटरों को 10 – 10 हजार रूपए की राशि अग्रिम के रूप में प्रदान की जाए।
    शहर में नगर निगम एवं विकास विभाग से जुड़े समस्त ठेकेदारों को निर्माण सामग्री का मटेरियल सड़क पर न फैलाने के निर्देश भी जारी किए जाएं। इसके साथ ही निर्माण मटेरियल को संग्रहित कर व्यवस्थित स्तर पर पहुँचाने के लिये भी जवाबदारी सुनिश्चित की जाए। संभाग आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि स्वच्छता के कार्यों की मॉनीटरिंग के साथ-साथ वार्डों का निरीक्षण भी किया जायेगा। जिन वार्डों में अच्छा कार्य पाया जायेगा, उनके अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ जिन क्षेत्रों में व्यवस्थायें खराब पाई जायेंगीं, उन वार्डों के संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई भी की जायेगी।
यातायात प्रबंधन के संबंध में भी हुई चर्चा
    संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने शहर की यातायात व्यवस्था के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहर के यातायात प्रबंधन के लिये गत दिनों हुई यातायात संबंधी बैठक में लिए गए निर्णयों का क्रियान्वयन तेजी के साथ किया जाए। मोतीमहल के वैकल्पिक मार्ग से यातायात प्रारंभ हो गया है। लेकिन मार्ग के छोटे-छोटे कार्य भी नगर निगम पूर्ण कराए। इसके साथ ही पार्किंग में वाहनों को खड़ा कराने तथा सड़क पर खड़े रहने वाले वाहनों के चालान की कार्रवाई भी प्रारंभ हुई है। इसे निंरतर जारी रखा जाए। इसके साथ ही वीडियोकोच बसों को खड़ा करने हेतु झांसी रोड़ स्थित स्टेण्ड पर निगम द्वारा व्यवस्थायें कर दी गई हैं। पुलिस विभाग वीडियोकोच बसों को निर्धारित स्टेण्ड पर खड़े कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। सड़क पर वीडियोकोच बस खड़ी करने पर संबंधित वाहन मालिक के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी की सिटी बस सेवाओं के बेहतर संचालन के लिये भी सभी व्यवस्थायें चाक-चौबंद रखी जाएँ।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह थे शामिल
    नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन, सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती जयति सिंह, एडिशनल एसपी श्री पंकज पाण्डेय सहित नगर निगम के विभागीय अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए और स्वच्छता के लिये की जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी।

शराब , गांजा और अफीम भांग की दूकानों के और निजी बार लायसेंस अब आनलाइन हुये , आबकारी विभाग ने की ई-गवर्नेंस में पहल, लायसेंस प्रक्रिया हुई आसान

 आबकारी विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले सभी प्रकार के लायसेंस की प्रक्रिया अब और ज्यादा व्यवस्थित और आसान हो जाएगी। इसके लिये विभाग ने एमपी ऑनलाइन के माध्यम से अपना पोर्टल तैयार कर लिया है। सभी जिला अधिकारियों ने इस पोर्टल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। इससे लाइसेंस जारी करने और इससे जुड़े मामलों के निराकरण में मदद मिलेगी।

   उल्लेखनीय है कि विभाग से जारी होने वाले ज्यादातर लायसेंस लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लाये जा चुके हैं। इससे समय पर लाइसेंस बन जाते हैं। आबकारी आयुक्त ने सभी जिला अधिकारियों से कहा है कि वे ऑफ लाइन आवेदन स्वीकार नहीं करें। पारदर्शिता के लिये ऑनलाइन आवेदन ही लें। विभागीय पोर्टल excise.mponline.gov.in का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें।

शनिवार, 19 दिसंबर 2020

मीटर रीडर अजीत राजावत और सुपरवाइजर रवि अग्रवाल पर मीटर रीडिंग में हेराफेरी के आरोप में धारा 420, 506, 511, 34 भादवि में एफआईआर दर्ज

मीटर रीडर अजीत राजावत और सुपरवायजर रवि अग्रवाल पर मीटर रीडिंग में हेराफेरी के आरोप में धारा 420, 506, 511, 34 भादवि में एफआईआर दर्ज 

फीडबैक इन्फ्रा प्रा.लि. के मीटर रीडर अजीत राजावत के खिलाफ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मीटर रीडिंग में हेराफेरी और अवैध रूप से धन की मांग के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। यह एफआईआर सहायक अभियंता, फूलबाग जोन, शहर संभाग ग्वालियर के आवेदन पर दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ अपराध धारा 420, 506, 511, 34 भादवि के अंतर्गत थाना पड़ाब में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।

मीटर रीडर अजीत राजावत फीडबैक इन्फ्रा प्रा.लि. का कर्मचारी है और इसके द्वारा प्रतिमाह मीटर रीडिंग लेकर बिल बांटने का कार्य किया जाना चाहिए, लेकिन इसने श्रीमती क्रान्ति देवी निवासी डी-13, द्वारिका पुरी, फूलबाग जोन के परिसर की 10 माह तक सही रीडिंग नहीं ली। अगस्त-20 में इकट्ठी रीडिंग 4317 यूनिट का बिल जारी किया गया और बाद में आरोपी राजावत द्वारा इस बिल को सुधरवाने के लिए श्रीमती क्रान्ति देवी से 20 हजार रूपये की अवैध रूप से मांग की गई। श्रीमती क्रान्ति देवी द्वारा बिजली कंपनी में आवेदन दिया गया जिसकी जांच की गई। जांच में शिकायत को सही पाया गया। साथ ही कंपनी को आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाया गया है। फलस्वरूप मामले को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया जिसकी पुलिस द्वारा विवचेना की जा रही है। मीटर रीडर अजीत राजावत के साथ-साथ फीडबैक इन्फ्रा प्रा.लि. के सुपरवाईजर रवि अग्रवाल को भी आरोपी बनाया गया है।

बकाया राशि वाले एवं अविद्युतिकृत कॉलोनियों के खिलाफ कार्यवाही, जिन कालोनाइजरों / अपार्टमेंट मालिकों पर बिजली राशि बकाया उन पर कार्यवाही, अन्य कालोनियों/भवनों/परिसरों की काटी जायेगी बिजली, उनके घर और बिल्डिंगों की कुर्की होगी

बकाया राशि वाले एवं अविद्युतिकृत कॉलोनियों के खिलाफ कार्यवाही, जिन कालोनाइजरों / अपार्टमेंट मालिकों पर बिजली राशि बकाया उन पर कार्यवाही, अन्य कालोनियों/भवनों/परिसरों की काटी जायेगी बिजली, उनके घर और बिल्डिंगों की कुर्की होगी

प्रमुख सचिव, ऊर्जा श्री संजय दुबे ने कहा कि लक्ष्य बनाकर इस प्रकार कार्य करें कि चालू वर्ष में विद्युत हानियों का स्तर कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि 10 कि.वा. से ऊपर के कनेक्शनों की शत-प्रतिशत रीडिंग एएमआर के द्वारा सुनिश्चित की जाए। रबी सीजन में कृषि क्षेत्र में 10 घंटे विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करना राज्य शासन की प्राथमिकता है। श्री दुबे ने कहा कि किसानों को सही वोल्टेज पर विद्युत प्रदाय सुनिश्चित हो। उन स्थानों को चिन्हित किया जाए जहॉं वितरण ट्रांसफार्मर बार-बार खराब हो जाते हैं। ऐसे स्थानों का परीक्षण कर तकनीकी सुधार करके वितरण ट्रांसफार्मर फेल होने से रोका जाए ताकि कृषि उपभोक्ताओं का विद्युत प्रदाय बाधित नहीं हो। प्रमुख सचिव, ऊर्जा श्री संजय दुबे वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के कार्यक्षेत्र में बिजली वितरण व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।

प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री दुबे ने तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के मुख्यालय में ट्रांसफार्मर तथा अन्य विद्युत उपकरणों की जांच के लिए स्थापित एनएबीएल लैब के पूर्ण क्षमता से उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी उपकरणों की टेस्टिंग निर्धारित मानकों के अनुसार की जाए और इसके लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएं। श्री दुबे ने कहा कि एनएबीएल लैब पर बिजली कंपनी द्वारा विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि ऊर्जा उपकरणों की जांच शुद्धता के साथ जल्दी की जा सके। प्रमुख सचिव ऊर्जा ने कंज्यूमर इंडेक्सिंग और आधार सीडिंग के कार्य को तेज गति से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंज्यूमर इंडेक्सिंग का कार्य पूरा होने और उसका प्रायोगिक उपयोग करने से लाईन लॉस कम किया जा सकता है। प्रमुख सचिव ने विजिलेंस गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए और कहा कि विद्युत के अवैध और अनधिकृत उपयोग की रोकथाम कड़ाई से की जाए तथा विजिलेंस के पूरक बिलों की वसूली तत्काल की जाए।

श्री दुबे ने बकाया राशि की वसूली के लिए निर्देश दिए तथा बकाया राशि वसूली की साप्ताहिक रूप से समीक्षा प्रबंध संचालक स्तर पर करने के लिए कहा। उन्होंने प्रति यूनिट राजस्व वसूली बढ़ाये जाने के निर्देश दिए और बिलिंग इफिशिएंसी, कलेक्शन इफिशिएंसी,प्रति यूनिट नगद राजस्व वसूली (सीआरपीयू) में निरंतर सुधार के निर्देश दिए। बिजली के अवैध उपयोग की रोकथाम के लिए जूनियर इंजीनियर और लाइन स्टॉफ का उन्मुखीकरण (सेन्सीटाइज) किया जाए। सभी शासकीय अथवा गैर शासकीय प्रतिष्ठानों को मीटरीकृत देयक प्रतिमाह समय पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने मीटर रीडिंग, बिलिंग और राजस्व वसूली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बकाया राशि वाले एवं अविद्युतिकृत कॉलोनियों के खिलाफ कार्यवाही

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे सभी कॉलोनाईजर के खिलाफ कार्यवाही की जाए जिन्होंने कॉलोनी के विद्युतीकरण का कार्य पूरा नहीं किया है। इससे कॉलोनी के रहवासियों को बिजली कनेक्शन मिलने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन कॉलोनाईजर के ऊपर बकाया राशि लंबित है उनके अन्य परिसरों, घरों एवं बिल्डिंग आदि में स्थापित कनेक्शनों को काटने की कार्यवाही की जाए तथा कॉलोनाईजरों की बिल्डिंग, घर आदि की कुर्की/नीलामी की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि नये कनेक्शान तत्काल मिलना चाहिए। नये कनेक्शान देने में विलंब होने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

इस अवसर पर एम.पी.पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री आकाश त्रिपाठी, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री अमित तोमर, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के उच्च अधिकारी, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ऊर्जा विभाग श्री एस.के. शर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ग्वालियर जिले के किसानों ने तालियाँ बजाकर किया नए कृषि कानूनों का समर्थन, किसानों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुना प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का उदबोधन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने उदबोधन में जब नए कृषि कानूनों की खूबियां बताईं तो ग्वालियर जिले के किसानों ने तालियाँ बजाकर कृषि कानूनों का समर्थन किया। यहाँ बात हो रही है शुक्रवार को जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल बिहारी इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर सभागार में आयोजित हुए जिला स्तरीय किसान सम्मेलन की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रायसेन में आयोजित हुए प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन सहित प्रदेश भर के जिला, विकासखण्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित हुए किसान सम्मेलनों में मौजूद कृषकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया।
   ग्वालियर में प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुए जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का संबोधन सुनने के लिये विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी। किसान सम्मेलन में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री कुशवाह एवं अन्य अतिथियों ने मंच से प्रतीक स्वरूप लगभग एक दर्जन किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता के चैक व प्रमाण-पत्र सौंपे। कुल मिलाकर जिले के 2 हजार 514 किसानों को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग सहित किसानों से जुड़े अन्य विभागों की योजनाओं के तहत लगभग 147 लाख रूपए की आर्थिक सहायता वितरित की गई।
   ज्ञात हो रायसेन में आयोजित हुए राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एक क्लिक के जरिए प्रदेश के साढ़े 35 लाख से अधिक किसानों के खातों में 1600 करोड़ रूपए की राहत राशि पहुँचाई। खरीफ 2020 में हुए फसलों के नुकसान से प्रभावित किसानों को यह राहत राशि प्रदेश सरकार ने मुहैया कराई है।
ग्वालियर में आयोजित हुए जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में जिला पंचायत प्रशासकीय समिति की अध्यक्ष श्रीमती मनीषा भुजवल सिंह यादव, पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री शांतिशरण गौतम, संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना, कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा तथा जिले के अन्य जनप्रतिनिधिगण व जिले के विभिन्न ग्रामों से आए कृषकगण मौजूद थे।

आर्थिक सहायता पाकर गदगद  हुए किसान

    जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत मिली आर्थिक सहायता से किसान गदगद थे। मुरार तहसील के ग्राम टिहोली से आए कृषक आसीन अली का कहना था कि मेरे द्वारा किए जा रहे अच्छे पशुपालन के लिये सरकार की ओर से मुझे 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता मिली है। इस राशि से हम अपने पशुपालन को और आगे बढ़ायेंगे। इसी तरह भितरवार जनपद पंचायत के ग्राम पुराबनवार से आईं श्रीमती गुड्डी बाई किसान सम्मेलन में मिला प्रमाण-पत्र दिखाते हुए बोलीं उद्यानिकी क्षेत्र में अच्छे काम के लिये सरकार ने मुझे 20 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी है। गुड्डीबाई का कहना था कि भीमा आजीविका स्व-सहायता समूह से जुड़कर हमारे गाँव की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए हैं।
    इसी तरह ग्राम सिरोल की निवासी कु. पूजा वर्मा संरक्षित खेती करती हैं, उन्हें पॉली हाउस बनाने के लिये उद्यानिकी विभाग की योजना के तहत 7 लाख 83 हजार रूपए की आर्थिक सहायता किसान सम्मेलन में मुहैया कराई गई। इतनी बढ़ी आर्थिक सहायता पाकर उनकी खुशी देखते ही बनी। ग्राम रौरा निवासी कृषक रामेश्वर सिंह व राजेन्द्र सिंह को किसान क्रेडिट कार्ड व 35 - 35 हजार रूपए की आर्थिक सहायता जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में मिली। इन दोनों कृषकों का कहना था कि अब हमें अपनी फसल में खाद देने के लिये किसी से उधार लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इन विभागों की योजनाओं के तहत 2514 किसानों को मिली आर्थिक मदद

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की योजनाओं के तहत 2 हजार 251 किसानों को 32 लाख 24 हजार रूपए की सहायता दी गई। इसी तरह जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा 207 कृषकों को 90 लाख 85 हजार, मत्स्य पालन विभाग द्वारा 54 किसानों को लगभग एक लाख 43 हजार और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के तहत दो किसानों को 22 लाख रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

विकासखण्ड मुख्यालयों एवं ग्राम पंचायतों में भी हुआ किसान सम्मेलनों का आयोजन

ग्वालियर में आयोजित हुए जिला स्तरीय किसान सम्मेलन के साथ-साथ विकासखण्ड स्तरीय किसान सम्मेलन भी आयोजित हुए, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। विकासखण्ड मुरार के किसान सम्मेलन का आयोजन यहां बाल भवन में किया गया। इसी तरह भितरवार में कृषि उपज मंडी परिसर, घाटीगाँव (बरई) में मंडी परिसर एवं डबरा में नगर पालिका के कम्युनिटी हॉल परिसर में किसान सम्मेलन आयोजित हुआ। इसी तरह जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में भी किसान सम्मेलन आयोजित हुए।
  



6 आदतन अपराधी जिला बदर एवं एक को देना होगा बंध पत्र

 जिला दण्डाधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने 6 आदतन अपराधियों को मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के अंतर्गत जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही एक आदतन आरोपी को पुलिस थानों में बंध पत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ग्वालियर से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर लोक शांति एवं जन सुरक्षा को देखते हुए जिला बदर करने के आदेश जारी किए गए हैं।

    जिला दण्डाधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिन अपराधियों के विरूद्ध जिला बदर के आदेश पारित किए हैं उनमें सोनू जाटव पुत्र मंशाराम जाटव निवासी श्रीनगर कॉलोनी थाटीपुर, सोनू लोधी पुत्र कालका लोधी निवासी पदमपुर खेरिया थाना महाराजपुरा, कालीचरण शर्मा उर्फ सोनू पुत्र संतचरण शर्मा निवासी बी-843 आनंद नगर बहोड़ापुर, अनिल शर्मा पुत्र उमाशंकर शर्मा निवासी काली माई संतर मुरार, जय सिंह जाटव पुत्र स्व. श्री रामकुमार जाटव निवासी विजयगढ़ थाना बिजौली एवं योगेश उर्फ छोटू पुत्र माधोसिंह राठौर निवासी माधोनगर गेट नं.-1 लक्ष्मीगंज थाना जनकगंज जिला ग्वालियर शामिल हैं।
    इसके अतिरिक्त पंचम सिंह कुशवाह पुत्र सूरज सिंह कुशवाह निवासी रामपुरी मोहल्ला शब्दप्रताप आश्रम थाना बहोड़ापुर जिला ग्वालियर को तीन दिन के अंदर अपने संबंधित थाने में 50 हजार रूपए का बंध पत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।

आईएफएमआईएस प्रणाली से वेतन निर्धारण के लिये संभाग के सभी जिलों में लगेंगे शिविर

आईएफएमआईएस प्रणाली से वेतन निर्धारण के लिये संभाग के सभी जिलों में लगेंगे शिविर

सातवें वेतनमान के तहत आईएफएमआईएस प्रणाली से वेतन निर्धारण के लिये संभाग के सभी जिलों में 10 दिवसीय विशेष शिविर लगाए जायेंगे। संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना की पहल पर 21 दिसम्बर से यह शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। जिला कोषालय पर सातवें वेतनमान का निर्धारण करने के लिये आईएफएमआईएस प्रणाली के तहत ऑनलाइन जानकारी सबमिट कर जिला स्तर एवं मुख्यालय स्तर पर शिविर लगाए जायेंगे।
    संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने संभाग के सभी जिला कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ सभी विभागों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों से शेष लंबित प्रकरण ऑनलाइन सबमिट कराकर सेवा पुस्तिका जिला कोषालय में जमा कराएँ, जिससे संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा कार्यालय द्वारा वेतन निर्धारण दलों के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण कराया जा सके।
    शिविर में ऐसे प्रकरण भी सबमिट कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका भौतिक रूप से अनुमोदन हो चुका है। मगर निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रकरण प्रस्तुत नहीं हुए हैं। ऐसे प्रकरणों में सेवा पुस्तिका भी प्रस्तुत करने के लिये कहा गया है।

गौशालाओं में पानी-चारे की व्यवस्था के साथ ठंड से बचाव के उपाय भी करें,स्व-सहायता समूह की दीदी संचालित करेंगीं ग्रामीण अंचल की गौशालायें, 30 गौशालायें बनकर तैयार

गौशालाओं में पानी-चारे की व्यवस्था के साथ ठंड से बचाव के उपाय भी करें,स्व-सहायता समूह की दीदी संचालित करेंगीं ग्रामीण अंचल की गौशालायें, 30 गौशालायें बनकर तैयार

 गौशालाओं में पानी व चारे की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ गौवंश को ठंड से बचाने के लिये पुख्ता  उपाय किए जाएं। गौवंश के लिये बने टीनशेड को ज्वार की करब एवं प्यार इत्यादि से अच्छी तरह ढककर गौवंश को ठंड से बचाने के उपाय किए जाएं। यह निर्देश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा जिले की सभी जनपद पंचायतों के अंतर्गत पूर्ण हो चुकी गौशालाओं का संचालन राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों की दीदियों को विधिवत अनुबंध कर सौंपें। ज्ञात हो जिले की चारों ग्राम पंचायतों में लगभग 30 गौशालायें बनकर तैयार हो गई हैं।
    यहाँ जिला पंचायत के सभागार में संबंधित अधिकारियों एवं स्व-सहायता समूहों की बैठक सह प्रशिक्षण में निराश्रित गौवंश की देखभाल की बारीकियां सिखाई गईं। प्रशिक्षण में संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच व सचिव ग्राम रोजगार सहायक और स्व-सहायता समूहों के अध्यक्ष व सचिव शामिल हुए।
    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वर्मा ने सहायक संचालक पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें को निर्देश दिए कि गौशाला की शत प्रतिशत गायों का टीकाकरण और टैगिंग का काम जल्द से जल्द पूर्ण करें। उन्होने यह भी निर्देश दिए कि गौशाला परिसर में पानी के बोरवेल के समीप जल संरक्षण संरचनायें जरूर बनवाएँ। साथ ही कहा कि स्व-सहायता समूहों की आय में बढ़ोत्तरी के लिये गौशाला में गोबर की लकड़ी, दीया एवं अन्य सामग्री का निर्माण कराया जाए। श्री वर्मा ने गौशाला परिसर में चारागाह विकास पर भी विशेष बल दिया।

इन ग्राम पंचायतों में बनी हैं गौशालायें

    बैठक में बताया गया जनपद पंचायत भितरवार के अंतर्गत ग्राम पंचायत केरूआ, करहिया, डोंगरपुर, लदवाया, पवाया व कछौआ में एक – एक और हिम्मतगढ़ में 2 गौशालायें बनकर तैयार हो गई हैं। इसी तरह जनपद पंचायत घाटीगाँव के अंतर्गत बन्हेरी (रानी घाटी), पवा, उम्मेदगढ़, दौरार, पाटई, बड़ागाँव व तिघरा में गौशालायें बनाई गई हैं। जनपद पंचायत डबरा के अंतर्गत जौरासी, लखनौती, सिसगाँव, जनकपुर, धवा, कुम्हर्रा, मेहगांव में एक – एक व जनकपुर में दो गौशालायें बनाई गई हैं। जनपद पंचायत मुरार के अंतर्गत राहुली, दुहिया, बंधोली, बेहट, रतवई, बरेठा व सिरसौद में गौशालाओं का निर्माण किया गया है।

साँप काटने से मृत महिला के बेटे को 4 लाख की अर्थिक सहायता मंजूर

  साँप काटने से मृत महिला स्व. सुशीला देवी के बेटे परमानंद श्रीवास्तव को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र में किए गए प्रावधानों के तहत अनुविभागीय राजस्व अधिकारी ग्वालियर सिटी श्री प्रदीप सिंह तोमर के न्यायालय द्वारा यह आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। 

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक तिघरा रोड़ नवलपुरी निवासी सुशीला देवी को गत 30 सितम्बर को साँप ने काट लिया था। जेएएच में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। अनुविभागीय अधिकारी ग्वालियर सिटी श्री तोमर ने स्व. सुशीला देवी के वैध वारिस अर्थात उनके बेटे के लिए 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।

शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020

पीएम स्व-निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के शेष प्रकरण तीन दिन में मंजूर करें कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक लेकर बैंकर्स को दिए निर्देश

 प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के प्रकरणों की मंजूरी एवं आर्थिक सहायता वितरण में हो रही देरी पर कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने विभिन्न बैंकों के समन्वयकों को निर्देश दिए कि इन दोनों योजनाओं के शेष प्रकरण तीन दिन के भीतर मंजूर करें। साथ ही पूर्व से स्वीकृत प्रकरणों में संबंधित हितग्राहियों को आर्थिक सहायता वितरित की जाए। अन्यथा संबंधित बैंक के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जायेगी। कलेक्टर श्री सिंह एवं नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन ने विभिन्न बैंको के समन्वयकों की बैठक लेकर इन योजनाओं की समीक्षा की।
   ज्ञात हो पथ विक्रेताओं की मदद के लिये भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना एवं प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत हर पथ विक्रेता को बैंक के माध्यम से 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है। ये दोनों योजनायें खासतौर पर उन पथ विक्रेताओं की मदद के लिये चलाई जा रही हैं, जिनका काम-धंधा  कोविड संक्रमण को ध्यान में रखकर लगाए गए लॉकडाउन की वजह से प्रभावित हुआ है। इन योजनाओं के तहत हर हितग्राही को फिर से काम-धंधा शुरू करने के लिये 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाती है।
   गुरूवार को यहाँ मोतीमहल स्थित मानसभागार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा ये योजनायें प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। इसलिये इनमें ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने बैंकर्स को निर्देश दिए कि रविवार के दिन भी इस योजना के प्रकरणों की स्वीकृति के लिये बैंक शाखायें खोली जाएँ। उन्होंने कहा कि नगर निगम ग्वालियर के अंतर्गत पूर्व से मंजूर सभी 11 हजार 40 प्रकरणों में संबंधित हितग्राहियों को तीन दिन के भीतर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दें। साथ ही शेष 15 हजार 572 प्रकरण मंजूर कर ऋण वितरण की कार्रवाई की जाए।
   बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री माकिन ने इन योजनाओं के तहत हितग्राहियों को आर्थिक सहायता दिलाने के मकसद से बैंक शाखावार भेजे गए प्रकरणों की जानकारी दी। उन्होंने कहा नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी इन योजनाओं के हितग्राहियों को दस्तावेजों की पूर्ति के लिये संबंधित बैंक शाखा तक पहुँचाने में मदद करेंगे।

मंहगे दाम पर ब्लेक में बाजार बेचने ले जा रहे धान के अवैध परिवहन में लिप्त लोगों पर एफआईआर दो ट्रक एक मुरैना का और एक ग्वालियर का एवं लगभग 386 क्विंटल धान जप्त कर राजसात की गई

 समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के अवैध परिवहन में लिप्त समिति प्रबंधक सहित ट्रक मालिक, वाहन चालक एवं अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भितरवार एवं खाद्य विभाग के अमले ने धान के अवैध परिवहन में लिप्त दो ट्रक पकड़े थे। संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ-साथ ट्रक और जब्त धान शासन हित में राजसात करने की कार्रवाई की गई है।

   जिले में समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदे गए धान एवं मोटे अनाज के परिवहन व भण्डारण पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने राजस्व अधिकारियों एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को लगातार इसकी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इस कड़ी में बिना बैंक दस्तावेजों के साथ धान लेकर जा रहे दो ट्रक अनुविभागीय राजस्व अधिकारी भितरवार एवं खाद्य विभाग के अमले द्वारा पकड़े गए हैं। जाँच में पता चला है कि ट्रकों से जो धान जब्त किया गया है उसका उपार्जन सेवा सहकारी समिति ईंटमा द्वारा किया गया था। इस प्रकरण में जिला विपणन अधिकारी द्वारा ट्रकों के मालिक व वाहन चालक, परिवहनकर्ता एवं समिति प्रबंधक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति ईंटमा के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराई गई है।
    जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री चंद्रभान सिंह जादौन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भितरवार एवं खाद्य विभाग के अमले द्वारा ट्रक क्रमांक – एमपी-07 एमए-5050 से 207 क्विंटल एवं ट्रक क्रमांक – एमपी-06 ई-6911 से 178.7 क्विंटल धान जब्त किया गया है। दोनों ट्रक और जब्त धान शासन हित में राजसात कर लिए गए हैं।

दण्डित बंदी अमर सिंह की केन्द्रीय जेल ग्वालियर में हुई मृत्यु की न्यायिक जाँच के सिलसिले में साक्ष्य माँगे

 केन्द्रीय जेल ग्वालियर में निरूद्ध रहे दण्डित बंदी अमर सिंह की मत्यु के कारणों की न्यायिक जाँच की जा रही है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री वरूण कुमार शर्मा के न्यायालय द्वारा यह जाँच की जा रही है। इस संबंध में 15 दिवस के अंदर साक्ष्य माँगे गए हैं।

    बंदी अमर सिंह पुत्र श्यामलाल खंगार उम्र 60 वर्ष निवासी ग्राम कुम्हर्रा थाना खनियाधाना जिला शिवपुरी की गत 27 नवम्बर 2020 को प्रात: लगभग 5.45 बजे मृत्यु हो गई थी। अमर सिंह की मृत्यु के संबंध में यदि किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को कोई अभ्यावेदन, शपथ पत्र या साक्ष्य प्रस्तुत करना हो तो वह 15 दिवस के अंदर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर ग्वालियर स्थित जेएमएफसी श्री वरूण कुमार शर्मा के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है। कार्यालयीन समय में प्रात: 11 बजे साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे। साक्ष्य प्रस्तुत करने की अवधि के बाद कोई भी आपत्ति स्वीकार नहीं की जायेगी।

26 दिसम्बर को स्थानीय अवकाश - “तानसेन समारोह” – 2020

तानसेन समारोह के पहले दिन यानि शनिवार 26 दिसम्बर को ग्वालियर जिले में स्थानीय अवकाश रहेगा। संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने इस दिन अतिरिक्त स्थानीय अवकाश घोषित करने का आदेश जारी किया है। छुट्टी का यह आदेश बैंक एवं कोषालयों के लिये लागू नहीं होगा।
   ज्ञात हो भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश का सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन समारोह” संगीत की नगरी ग्वालियर में इस साल 26 से 30 दिसम्बर तक आयोजित होगा। भारतीय शास्त्रीय संगीत की अनादि परंपरा के श्रेष्ठ कला मनीषी संगीत सम्राट तानसेन को श्रद्धांजलि व स्वरांजलि देने के लिये पिछले 95 साल से यह प्रतिष्ठित आयोजन हो रहा है। इस साल के आयोजन में भी ब्रम्हनाद के शीर्षस्थ साधक संगीत सम्राट तानसेन को स्वरांजलि देने आयेंगे। साथ ही विश्व संगीत की प्रस्तुतियां भी होंगीं।
   इस साल भी पारंपरिक रूप से तानसेन समारोह के पहले दिन प्रात:काल सुर सम्राट तानसेन समाधि पर हरिकथा, मिलाद व शहनाई वादन होगा। इस बार के समारोह में कुल 8 संगीत सभायें होंगी। पहली 7 संगीत सभायें सुर सम्राट तानसेन की समाधि एवं मोहम्मद गौस के मकबरा परिसर में बनने जा रहे भव्य एवं आकर्षक मंच पर सजेंगीं। समारोह की आठवीं एवं आखिरी सभा सुर सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट में झिलमिल नदी के किनारे सजेगी। हर दिन प्रात:कालीन सभा प्रात: 10 बजे से दोपहर एक बजे तक एवं सांध्यकालीन सभा अपरान्ह 3 बजे से सायंकाल 7 बजे तक होंगीं।

स्थानीय कलाकारों का चयन

    तानसेन समारोह में प्रस्तुति देने वाले स्थानीय कलाकारों का चयन भी कर लिया गया है। इस बार तीन स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। श्रीयुत श्रीकांत कुलकर्णी तानसेन समाधि के समीप सजने वाली मुख्य सभा में बांसुरी वादन करेंगे। संगीत सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट की सभा में श्री हेमांग कोहल्टकर - गायन और श्री जगतनारायण शर्मा पखावज वादन करेंगे। 

स्मार्ट सड़कों के जरिए शहर के प्रमुख बाजारों से जुड़ेगा महाराज बाड़ा

 ग्वालियर शहर के मुख्य बाजारों को महाराज बाड़ा से जोड़ने वाले मार्गों पर स्मार्ट सड़कें बनाई जायेंगीं। इन सड़कों के बनने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही शहर के सौंदर्यीकरण में नए आयाम जुड़ेंगे। इस आशय की जानकारी क्षेत्रीय सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर की अध्यक्षता में आयोजित हुई स्मार्ट सिटी एडवायजरी फोरम की बैठक में दी गई।
   महाराज बाड़ा के सुनियोजित विकास के लिये बनाई गई एकीकृत परियोजना में शामिल पेडेस्ट्रियन जोन, मल्टीलेवल पार्किंग और 15.62 किलोमीटर लम्बी स्मार्ट सड़क की समीक्षा भी बैठक में हुई। साथ ही गाँधी मार्केट का पुनर्निर्माण, ऐतिहासिक इमारतों की फसाड लाइटिंग, फूलबाग चौपाटी का विकास, स्मार्ट स्कूल सहित स्मार्ट सिटी में शामिल अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। ट्रिपल आईटीएम के समीप बनने जा रहे आईएसबीटी (इंटर स्टेट बस टर्मिनल) के लिये बनाए गए प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने पर भी सभी सदस्यों ने सहमति जताई।
   गुरूवार को यहाँ मोतीमहल स्थित मानसभागार में आयोजित हुई स्मार्ट सिटी एडवायजरी फोरम की बैठक में विधायक डॉ. सतीश सिकरवार व पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता सहित एडवायजरी फोरम के अन्य सदस्यगण तथा नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन, स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सतेन्द्र सिंह तोमर समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
   सांसद श्री शेजवलकर ने बैठक में कहा कि शहर के बेहतर यातायात के लिये स्मार्ट सिटी के तहत क्या – क्या उपाय हो सकते हैं उन्हें जल्द से जल्द धरातल पर लाएँ। शहर का यातायात सुगम होगा तभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का लाभ शहरवासियों को मिल सकेगा। उन्होंने शहर की सड़कों से वाहनों का दबाब कम करने के लिये शहर में बनीं सभी स्मार्ट पार्किंग का उपयोग करने पर विशेष बल दिया। साथ ही कहा कि पुलिस सड़क पर वाहन पार्क न होने देकर नजदीक ‍स्थित स्मार्ट पार्किंग में वाहन पहुँचाएँ। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि सभी स्मार्ट पार्किंग स्थल पर वाहनों को पार्क कराने के लिये ऑपरेटर हर समय मौजूद रहें।
सांसद श्री शेजवलकर ने नगर निगम आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी की सीईओ से कहा कि शहर में अमृत योजना के तहत हुए पेयजल व सीवर के कामों को स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर से जोड़ा जाए, जिससे इनकी बेहतर ढंग से मॉनीटरिंग हो सके। उन्होंने कहा कि शहर के कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिये  विशेषज्ञों की राय ली जाए। खासतौर पर लैण्डफिल साइट पर जमा कचरे के ढेर का प्रबंधन और कचरे के बेहतर निष्पादन के लिये वैकल्पिक स्थान तलाशने के लिये भी कहा।  महाराज बाड़े पर स्थित टाउन हॉल के प्रवेश द्वार पर भवभूति की प्रतिमा स्थापित करने की बात भी बैठक में कही गई।
   विधायक श्री सतीश सिकरवार ने बैठक में सुझाव दिया कि कटोराताल के पानी की निकासी को लेकर भी कार्य़योजना बनाई जाए। साथ ही कटोराताल के पास कोई ऐसी जगह चिन्हित करें जहां कुंड बनाया जा सके और शहरवासी कटोराताल के स्थान पर वहाँ पर पूजन साम्रगी का विसर्जन कर सकें।
नगर निगम आयुक्त श्री संदिप माकिन ने बैठक में जानकारी दी कि स्मार्ट सिटी परियोजना के कार्यों को गति दी गई है। स्मार्ट सिटी के एबीडी क्षेत्र (महाराज बाड़ा) पर कार्य करने के साथ-साथ पेन सिटी (अन्य क्षेत्र) के तहत हाथ में लिए गए कार्य भी तेजी से मूर्तरूप ले रहे हैं।
   स्मार्ट सिटी की सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत डिजिटल म्यूजियम व टाउन हॉल, स्मार्ट पार्क, स्मार्ट खेल मैदान सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाये पूर्ण हो चुकी है। जिसका लाभ जनता को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि तानसेन समारोह का प्रसारण टाउन हॉल में किया जायेगा। जिससे संगीत रसिक अच्छे वातावरण में बैठकर समारोह की सभा का आनंद ले सकेंगे। श्रीमती सिंह ने प्रजेण्टेशन के माध्यम से बैठक में उपस्थित सदस्यो को स्मार्ट सिटी के तहत किए जाने वाले विकास कार्यों की सिलसिलेवार रूप से जानकारी दी।
फोरम के सदस्यों द्वारा भी स्मार्ट सिटी परियोजना के संबंध में उपयोगी सुझाव दिए गए। सुझावों पर बैठक में गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। इन सुझावों पर अमल की बात भी कही गई।

फूलबाग क्षेत्र में फूड जोन बनेगा

   क्षेत्रीय सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर की अध्यक्षता में आयोजित हुई स्मार्ट सिटी एडवायजरी फोरम की बैठक में तय किया गया कि फूलबाग क्षेत्र को फूड जोन के रूप में विकसित किया जायेगा। फूड जोन में चौपाटी, बोट क्लब व हाट बाजार सहित अन्य नजदीकी परिसर शामिल होंगे। फूड जोन में आने वाले सैलानियों के मनोरंजन के लिये लोक नृत्य व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था भी बोट क्लब पर करने के प्रयास किए जायेंगे।

इन स्मार्ट सड़कों से जुड़ेगा महाराज बाड़ा

    स्मार्ट सिटी के एबीडी क्षेत्र महाराज बाड़ा को जोड़ने के लिये जो स्मार्ट सड़कें बनने जा रही हैं, उनमें अचलेश्वर मंदिर चौराहे से इंदरगंज, नई सड़क व हनुमान चौराहा होते हुए महाराज बाड़ा शामिल हैं। इसी तरह अचलेश्वर से आमखो बस स्टेण्ड, केआरजी कॉलेज होते हुए महाराज बाड़ा,  ईदगाह व माधौगंज होते हुए जिंसी रोड़ तक। इनके अलावा सराफा, दौलतगंज, दाल बाजार, लोहिया बाजार, हॉस्पिटल रोड़, पाटनकर बाजार इत्यादि को जोड़ते हुए भी महाराज बाड़े तक स्मार्ट सड़कें बनाई जायेंगीं। इन सड़कों की अनुमानित लागत लगभग 242 करोड़ रूपए होगी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति श्री यादव ने एमिटी यूनिवर्सिटी में किया ऑनलाइन मीडिएशन सैल का उदघाटन

विवादों के अंतहीन सिलसिलों को कम करने में मीडिएशन (मध्यस्थता) पद्धति प्रभावी साबित हो रही है। इसीलिए मीडिएशन को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। इस कड़ी में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति एवं कार्यपालक अध्यक्ष राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण श्री संजय यादव ने गुरूवार को जबलपुर से ऑनलाइन ग्वालियर में महाराजपुरा के समीप स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में “मीडिएशन सैल” (मध्यस्थता केन्द्र) का उदघाटन किया।
    ज्ञात हो विवादों की अंतहीन परिस्थितियों में सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा-89 के अंतर्गत विवादों के वैकल्पिक निराकरण की पद्धति के रूप में मध्यस्थता की एक विशेष प्रासंगिकता एवं पहचान स्थापित हुई है। इस पद्धति द्वारा समय व धन की बचत के साथ-साथ न्यायिक व्यवस्था व संसाधनों पर बोझ कम हुआ है। मध्यस्थता पद्धति से समाज के अंतिम स्तर तक न्याय की सौहार्द्रपूर्ण रीति से व्यवस्था कायम की जा सकती है।
    जिला न्यायालय के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मध्यस्थता पद्धति को साकार करने के उद्देश्य से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति श्री संजय यादव के आदेशानुसार 20 घंटे का ऑनलाइन सामुदायिक मीडिएशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अलावा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से भी प्रशिक्षण दिलाया गया। 

आज ग्वालियर में भी आयोजित होंगे किसान सम्मेलन जीवाजी विश्वविद्यालय के नवीन ऑडिटोरियम में होगा जिला स्तरीय सम्मेलन, जिले के चारों विकासखण्डों और ग्राम पंचायत स्तर पर भी होगा किसान सम्मेलनों का आयोजन

रायसेन जिले में 18 दिसम्बर को आयोजित होने जा रहे राज्य स्तरीय किसान कल्याण कार्यक्रम सह सम्मेलन के साथ ग्वालियर जिले में भी किसान सम्मेलनों का आयोजन होगा। यहाँ जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में दोपहर 12 बजे से जिला स्तरीय किसान कल्याण सम्मेलन शुरू होगा। किसान सम्मेलन में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह, सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर, जिला पंचायत की प्रशासकीय समिति की अध्यक्ष श्रीमती मनीषा भुजवल सिंह यादव सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधिगण भी शामिल होंगे। कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने संबंधित अधिकारियों को किसान सम्मेलनों में कोविड गाइडलाइन को ध्यान में रखकर आवश्यक व्यवस्थायें करने के निर्देश दिए हैं।
   जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम वर्मा ने बताया कि विकासखण्ड मुरार का खण्ड स्तरीय सम्मेलन यहाँ बाल भवन में, घाटीगाँव विकासखण्ड का किसान सम्मेलन वहाँ के बीआरसी भवन, भितरवार विकासखण्ड का भितरवार स्थित मंडी परिसर एवं विकासखण्ड डबरा के अंतर्गत खण्ड स्तरीय किसान कल्याण सम्मेलन का आयोजन डबरा में होगा। ग्राम पंचायत स्तर पर भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे।

प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के उदबोधन का होगा सीधा प्रसारण

   जीवाजी विश्वविद्यालय में आयोजित होने जा रहे किसान सम्मेलन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के उदबोधन का भी सीधा प्रसारण होगा। इसके लिये एलईडी लगाई गई हैं। रायसेन के राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अन्य गतिविधियों का प्रसारण भी होगा। कार्यक्रम में किसानों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत सहायता भी वितरित की जायेगी। 

गुरुवार, 17 दिसंबर 2020

केन्द्र के तीनों कृषि कानून से देश के किसानों की तकदीर और तस्वीर बदलेगी – केन्द्रीय कृषि मंत्री तोमर, केन्द्र सरकार किसानों के हित संरक्षण के लिये संकल्पित – राज्यसभा सांसद सिंधिया प्रदेश सरकार किसानों को वितरित करेगी 1600 करोड़ रूपए – मुख्यमंत्री,

देश के केन्द्रीय पंचायतीराज, ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि नए कृषि बिल से देश के किसानों की तकदीर और तस्वीर बदलेगी। यह कानून किसानों के हित संरक्षण और उनकी माँगों के अनुरूप बनाया गया है। इस कृषि कानून में समर्थन मूल्य को खत्म नहीं किया जायेगा। कृषि उपज मंडियों को भी बंद नहीं किया जायेगा। किसान अपनी फसलों को देश के अन्य राज्यों जहां उसे उचित मूल्य मिलेगा बेच सकेंगे। किसान फसल उगाने से पहले ही उपज दाम तय कर सकेंगे। कृषि कानूनों के तहत खरीददारों को समय पर किसानों को भुगतान करना होगा, वरना कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। कानून के तहत किसान अपनी इच्छानुसार कभी भी समझौते को समाप्त करके जहाँ उसे उचित मूल्य मिलेगा वहाँ अपनी फसल बेच सकेगा।
    केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर बुधवार को फूलबाग में आयोजित भव्य किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सरकार किसानों के हित संरक्षण के लिये संकल्पित है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता देश, प्रदेश का ही नहीं पूरे विश्व के लोगों का पेट भरता है। फसल बोते समय खाद-बीज डालने के साथ-साथ अपना पसीना बहाकर एक वटवृक्ष तैयार करके हम तक फसल पहुँचाता है। आज चंद लोग किसानों के हित संरक्षण के लिये बनाए कानून में रोड़ा अटका रहे हैं।
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आतिथ्य में रीवा में आयोजित कार्यक्रम का एलईडी पर सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पूरे प्रदेश में 35 लाख 50 हजार किसानों के खातों में अंतरित राशि 1600 करोड़ रूपए आगामी 18 दिसम्बर 2020 से जमा कराई जायेगी। इसमें पूर्व की बकाया राशि के अलावा इस वर्ष सोयाबीन फसलों के नुकसान और अन्य फसल क्षति की राहत राशि भी शामिल रहेगी।
   भव्य किसान सम्मेलन में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सहकारिता मंत्री श्री ओ पी एस भदौरिया, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह, सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर, श्रीमती संध्या राय, श्री के पी यादव, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  श्री लाल सिंह आर्य, पूर्व राज्य मंत्री श्री गिर्राजराज दण्डौतिया, ग्वालियर-चंबल संभाग की विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, पूर्व विधायक, जिला भाजपा अध्यक्ष सहित दोनों संभागों के जिलों के किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
   किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय ग्रामीण विकास, पंचायतीराज एवं कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि दक्षिण भारत सहित अन्य राज्यों के किसानों ने केन्द्र सरकार द्वारा पारित किसान हितैषी अध्यादेश का तहेदिल से स्वागत किया है। वहीं पंजाब, हरियाणा के किसानों को विपक्षी राजनैतिक दलों द्वारा भड़काया जा रहा है ताकि वे किसानों की आड़ में राजनैतिक रोटियां सेक सकें। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून में किसानों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखकर ही बनाया है। यह कानून पूरी तरह किसान हितैषी है जिसे किसानों को समझना होगा। उन्होंने देश के सभी किसानों से अपील की है कि वे किसी भी राजनैतिक दल के बहकावे में न आएँ।

   केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 2014 से लगातार किसानों के कल्याण के लिये प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों से आमदनी का धंधा तभी बन सकेगा, जब परंपरागत खेती को छोड़कर किसान आधुनिक तकनीकी को अपनाकर विभिन्न आयामों से जुड़ें, ताकि किसान आमदनी मुनाफे की श्रेणी में आ जाये। इसके लिये केन्द्र सरकार के साथ प्रदेश सरकारों को आगे कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पहले समर्थन मूल्य लमसम तय होता था, लेकिन अब केन्द्र सरकार पहले किसानों द्वारा लगाई लागत को पूछेगी, जितनी किसानों ने लागत लगाई है उसमें 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर अब समर्थन मूल्य घोषित किया जायेगा।
    प्रधानमंत्री सम्मान निधि पर चर्चा करते हुये केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना में किसानों को एक वर्ष में 3 किश्तों में 6 हजार रूपये दिये जाते थे।  
    उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान को धन्यवाद देते हुये कहा कि वे भी 2-2 हजार रूपये दो-दो किश्तों में देंगे। इस तरह अब किसानों की यह निधि 10 हजार रूपये तक पहुंच जायेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना में केन्द्र सरकार 75 हजार करोड़ रूपये किसानों के खातों में डाल रही है। उन्होंने कहा कि बड़े परिवारों में बटवारे हो जाने से छोटे-छोटे भागों में खेत हो गये है। प्रधानमंत्री ने इन छोटे-छोटे मझोले किसानों के लिये कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिये एफ.पी.ओ. बनाया है। इस एफ.पी.ओ. में छोटे-छोटे किसान न ट्रेक्टर ले सकते है और न अन्य कृषि उपकरण इसके लिये उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे 5-5 बीघा के 100-100 किसान मिलकर एफ.पी.ओ. की योजना में लाभ लेंगे तो उन्हें उन्नत कृषि उपकरण के साथ-साथ थोक में खाद बीज के दामों में रियायत मिल जायेगी और इस योजना का लाभ भी उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि एफ.पी.ओ. के माध्यम से उद्यानिकी फसलों में कम लागत आयेगी और उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कृषि अद्यौसंरचना पर केन्द्र सरकार ने एक लाख करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें 20 हजार करोड़ मछली पालन को बढ़ावा देने, 15 हजार करोड़ पशुपालन, 4 हजार करोड़ हर्वल फसलों, 5 हजार करोड़ मधुमक्खी पालन और 10 हजार करोड़ छोटे-छोटे प्रोसेसिंग मशीनों के लगाने पर खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि साढ़े 17 हजार करोड़ प्रधानमंत्री किसान योजना में और 1 हजार 128 करोड़ रूपये कॉपरेटिव के लिये जारी किये गये है। उन्होंने कृषि सुधार के लिये आये अध्यादेश में किसानों को होने वाले फायदों को भी गिनाया।
    राज्यसभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जय जवान-जय किसान के नारे से अपने उदबोधन में कहा कि मूलत: लोग भगवान की पूजा - आराधना करते हैं। किंतु वास्तविक भगवान देश का अन्नदाता है जो सारे देश की मौलिक आवश्यकता की पूर्ति करता है। श्री सिंधिया ने कहा कि भारत के किसान को आत्मनिर्भर बनाने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित संरक्षण के लिये तीन कृषि बिल पारित किए गए हैं। यह तीनों बिल किसानों को अपनी फसल बोने से लेकर उत्पादन बेचने तक की स्वतंत्रता देते हैं। उन्होंने कहा कि अब नए कृषि कानून के तहत किसानों को खाद बीज के भण्डारण की पूर्व से ही व्यवस्था रहेगी।
    उन्होंने कहा कि 22 करोड़ किसानों को खेत मिट्टी परीक्षण कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं ताकि किसानों के हाथ और मजबूत हो सकें। उन्होने कहा कि कोरोना के संकट में भी किसानों ने खेती करके देश की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में कृषि अधोसंरचना में एक लाख करोड़ रूपए कृषि कोष में जमा कराए हैं। किसानों को हर वर्ष किसान सम्मान निधि के रूप में केन्द्र 6 हजार रूपए और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्णय के अनुसार प्रत्येक किसान को 4 हजार रूपए इस तरह अब किसान को 10 हजार की किसान सम्मान निधि प्रति वर्ष मिल रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों के हितों के लिये संकल्पित है। वहीं प्रदेश की सरकार भी 2 हजार 200 करोड़ रूपए पूर्व सरकार ने किसानों के हित का पैसा तिजोरी में रखे हुए थी, उसे तोड़कर मुख्यमंत्री ने किसानों के खातों में जमा कराया। उन्होंने कहा कि अभी तक 7 हजार 700 करोड़ रूपए किसानों को राहत के रूप में उनके खातों में जमा कराए हैं।  1600 करोड़ अंतरित राशि भी प्रदेश सरकार अगले दो दिन के अंदर किसानों के खातों में जमा करायेगी।
    नए कृषि कानून का उल्लेख करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि केन्द्र सरकार ने समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाया है ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। किसान अपने उत्पादन को अब कहीं पर भी बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि 70 सालों से जंजीरों में जकड़ा किसान अब पूरी तरह से स्वतंत्र हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मंडियां बंद नहीं होंगीं। अब किसान बिचौलियों से मुक्त होंगे। उन्होंने कहा कि किसान सम्पन्न होगा तभी देश आगे तरक्की कर सकेगा। उन्होंने कहा कि मंडियों को आधुनिक बनाने के लिये करोड़ों रूपए खर्च किए जा रहे हैं। अभी धान और गेहूँ पर समर्थन मूल्य दिया जाता था, अब दलहनी फसलों को भी समर्थन मूल्य पर किसान बेच सकेंगे।
    कार्यक्रम को अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य ने संबोधित करते हुए विस्तार से नए कृषि कानून से किसानों को होने वाले फायदों का उल्लेख किया।

राज्यसभा सांसद सिंधिया ने महाराज बाड़े पर स्मार्ट सिटी द्वारा निर्मित किए गए डिजिटल म्यूजियम एवं तारामण्डल के साथ-साथ टाउन हॉल का निरीक्षण किया

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने महाराज बाड़े पर स्मार्ट सिटी द्वारा निर्मित किए गए डिजिटल म्यूजियम एवं तारामण्डल के साथ-साथ टाउन हॉ...