गुरुवार, 25 मार्च 2021

बिजली कंपनी में दाखिल किया सूचना का अधिकार का आवेदन , झल्लाये और बौखलाये बिजली कंपनी के लोग , चार दिन से मुरैना में दिन रात लगातार मैराथन जली कटौती

  कल दिया गया सूचना का अधिकार का आवेदन 

आवेदन अंतर्गत धारा  6 सूचना का अधिकार अधिनियम 2005

Through E Mail And By Speed Post

Signaured Copy is Enclosed Here As attachment

 

प्रति ,

        लोक सूचना अधिकारी

     महाप्रबंधक कार्यालय

     मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि0

     मुरैना म प्र

 

          (NOTE  : आवेदक न्यायबंधु है तथा विधि एवं न्याय मंत्रालय भारत सरकार द्वारा नेशनल लीगल सर्विसेज एक्ट 1987 ( नालसा) के तहत प्रोबोनो लीगल सर्विसेज का अधिकृत मान्यता प्राप्त व सूचीबद्ध एडवाकेट होकर सभी प्रकार के न्याय शुल्क एवं अन्य प्रभारों से पूर्णत: मुक्त है ) 

 

विषय न्यायालयीन उपयोग हेतु मुझ अधोहस्ताक्षर कर्ता नरेन्द्र सिंह तोमर एडवोकेट को निम्न जानकारीयों की जनहित में याचिका प्रस्तुत करने हेतु आवश्यकता हैकृपया आवश्यक जानकारीयां मय दस्तावेजात प्रमाणित प्रतियों में उपलब्ध करायें यदि जानकारी दस पृष्ठ से अधिक है तो अधिनयम व नियमों के प्रावधानानुसार प्रमाणित डी वी डी  या सी डी उपलब्ध करायें ।

 

महोदय/ महोदया ,

 

      उपरोक्त विघयान्तर्गत कृपया निम्न बिन्दुओं पर मुझे सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत माह अप्रेल वर्ष सन 2000 तक की ( अधिनियम के प्रावधानानुसार आज दिनांक से विगत 20 वर्ष तक की ) निम्न जानकारीयों की आवश्यकता है कृपया उपलब्ध कराने का कष्ट करें ।

1 यह कि आवेदक नरेन्द्र सिंह तोमर 42 गांधी कालोनी मुरैना म प्र ने माह अप्रेल सन 2000 से आज दिनांक तक बिजली के संबंध में  विभिन्न स्तरों पर विभिन्न माध्यमों जिसमें व्यक्तिगत आवेदन उपस्थित होकर दिये गये फयूज ऑफ कॉल रजिस्टर में दर्ज की गयी शिकायतें ,  फोन कॉल माध्यम से दिये गये ,आनलाइन विभन्न पोर्टलों पर दर्ज कराये गये और ई मेल आदि के माध्यम से भेजे गये पत्र आवेदन और शिकायतें आदि की कुल संख्या कितनी है और यह किस किस विषय पर किस किस दिनांक को कितने कितने बजे पर दिये गये । सभी की इकजाई सूची के साथ सभी की प्रतिलिपि चाहिये ।

2. यह कि 42 गांधी कालोनी मुरैना में प्रथम विद्युत कनेक्शन किस दिनांक माह एवं वर्ष में लिया गया और इसका मीटर क्रमांक क्या था तथा यह कब किस दिनांक को तत्समय के म प्र विद्युत मंडल मुरैना द्वारा वापस लिया गया तथा इसकी अंतिम रीडिंग क्या थी । तथा इसका पहला एवं अंतिम बिल क्या था सभी की प्रमाणित प्रति चाहिये ।

3. वर्तमान में 42 गांधी कालोनी मुरैना पर विद्युत कनेक्शन कब व किसके नाम से किस दिनांक माह एवं वर्ष में लगाया गया तथा यह किस प्रकार का था और इसका आवेदन क्या था इस आवेदन की प्रति चाहिये तथा यह कनेक्शन कितने फेज का था और कितने फेज का लगयाया गया वर्तमान में कितने फेज पर यह चालू एवं संचालित है ।

4.  यह कि वर्तमान में 42 गांधी कालोनी मुरैना म.प्र पर संचालित विद्युत कनेक्शन का पहला विद्युत मीटर किस दिनांक को लगाया गया एवं उसकी अंतिम रीडिंग क्या थी । तथा इसका पहला एवं अंतिम बिल क्या था सभी की प्रमाणित प्रति चाहिये । इस कनेक्शन पर दूसरा नवीन विद्युत मीटर कब और किस दिनांक को और किस स्थल पर लगाया गया इस मीटर की अंतिम रीडिंग क्या थी और इसका पहला व अंतिम बिल क्या है सभी की प्रमाणित प्रति चाहिये ।

5.  42 एवं 43 गांधी कालोनी मुरैना को सप्लाई की जाने वाली विद्युत ट्रांसफार्मर पोल पर से कुल कितने घरों में विद्युत कनेक्शन किस किसको दिये गये हैं उन सभी के नाम पते कनेक्शन क्रमांक व कनेक्शन दिनांक जिसमें पहला कनेक्शन दिनांक मय माह एवं वर्ष तथा अंतिम व वर्तमान कनेक्शन दिनांक माह व वर्ष तथा उनके पहले व वर्तमान विद्युत कनेक्शनों के आवेदन की प्रति तथा उनके पहले व अंतिम बिजली बिलों की प्रति की प्रमाणित प्रतियां चाहिये ।

6.  गांधी कालोनी मुरैना के कुल कितने घरों में आकलित खपत के बिल भेजे जाते हैं उन सभी के पहले व अंतिम बिजली  बिलों की प्रमाणित प्रतियां चाहियें तथा उनका प्रथम कनेक्शन आवेदन व वर्तमान कनेक्शन आवेदन सभी की प्रमाणित प्रतियां चाहिये । गांधी कालोनी क्षेत्र में कुल कितने बिजली मीटर खराब हैं या हें ही नहीं उनकी संख्या क्या है एवं मीटर रीडर द्वारा उनकी खराब होने या न होने की रिपोर्ट कब कब कितने दिन के भीतर दी गयी और कितने दिन के भीतर खराब मीटर बदले गये । सभी रिपोर्टों की सन 2001 से आज दिनांक तक की प्रमाणित प्रति चाहिये ।

7.  कुल कितने बिजली पोल से मुरेना नगर निगम क्षेत्र में बिजली पोल ट्रांसफार्मर पर 5 से कम घरेलू उपभोक्ताओं या व्यावसायिक उपभोक्ताओं से कम कनेक्शन हैं और कितने पर 5 से अधिक ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन हैं तथा कितने उपभोक्ता बिना तय कनेक्शन संख्या  वाले बिजली पोल ट्रांसफार्मरों से जुड़े हैं और उनके बिल निर्धारण का क्राइटीरिया व तरीका क्या है । नगरनिगम क्षेत्र में कुल कितने बिजली मीटर खराब हैं या हैं ही नहीं उनकी संख्या क्या है एवं मीटर रीडर द्वारा उनकी खराब होने या न होने की रिपोर्ट कब कब कितने दिन के भीतर दी गयी और कितने दिन के भीतर खराब मीटर बदले गये ।

8.  उपभोक्ताओं घरेलू एवं व्यावसायिक दोनों का ही लोड टेस्टिंग का क्राइटीरिया क्या है और वैधानिक आधार क्या है एवं किस मशीन या उपकरण का उपयोग लोड टेस्टर के लिये क्या जाता है तथा ऐसी मशीनें व उपकरण कितनी संख्या में मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की मुरैना शाखा के पास उपलब्ध हैं एवं कब कब कितने कितने मुल्य में कहां से खरीदीं गयीं इनके टेंडर व कब किसको किये गये इन टेंडरों की प्रमाणित प्रति चाहिये और कुल उपलब्ध संख्या की प्रमाणित प्रतियां चाहियें ।

अस्तु उपरोक्तानुसार आवेदक इन सभी मामलों में हर प्रकार की न्यायालयीन व कानूनी कार्यवाही हेतु भारम सरकार के न्याय विभाग विधि और न्याय मंत्रालय से सूचीबद्ध व अधिकृत होकर अत्यावश्यक और उचित  कार्यवाही व्यापक जनहित में करने जा रहा है । जिसके लिये उपरोक्त जानकारी की मय दस्तावेज प्रमाणित प्रतियों में  आवश्यकता है । तथा इस संबंध में प्रत्येक प्रकार के शुल्क न्यायायिक शुल्क एवं अन्य प्रभारों से मुक्त है । देखें आनलाइन न्याय विभाग भारत सरकार का पोर्टल ।

 

दिनांक 24 मार्च 2021                        हस्ताक्षर डिजिटल एवं स्याही में ( दोनों में )  मय सील

  नरेन्द्र सिंह तोमर

एडवोकेट

Narendra Singh Tomar

Advocate ( M.P. High Court – Gwalior Bench)

Attorney For Trade Marks , Copy Rights, Patents and Designs.

Nyaya Bandhu  ( Probono Legal Services Under NALSA )

42 , Gandhi Colony – Morena – M.P.

       Mobile Numbers – 9425738101  & 7000998037  



केवल आधी Gandhi Colony Morena में लगातार विगत चार दिन से की जा रही पूरे दिन रात की मैराथन बिजली कटौती के बाद  फिर आज भी अभी इस समय तक बिजली कटौती जारी है

नहीं करते बिजली कंपनियों के लोग बिजली बिल एडजस्ट , खुद करते हैं चोरी और करवाते हैं ले देर बिजली चोरी , एक डाक्टर ने अपने क्लिनिक में यहां लगवा रखा है, काफी समय से , दो बरस पहले से यानि सन 2018 से, वह बिजली की एक्सेस प्राडक्शन को बिजली कंपनी को हर रोज अनेक महीने तक सप्लाई करता रहा , मगर बिजली कंपनी ने उसे भुगतान करने के बजाय उल्टा उस पर दे दनादन बिल पर बिल भेज दिया , डाक्टर अपना माथा फोड़ता रह गया और बिजली वालों से उल्टे अपना बिल माफ कराने को चक्कर लगाता फिर , उसके बाद लाकडाउन में बिजली कंपनी वालों ने उसका बिल बिलासुर बनाकर अनाप-शनाप बिल दे दे कर बिलबिला दिया । 

सो कोई अब बिजली कंपनी को एक्सेस सप्लाई देगा यह तो चंबल में यह गलती कोई नहीं करेगा । अखबारों में जब उसकी खबर छपी तब लोगों को पता चली और एक नया कारनामा नयी कारिस्तानी लोगों को पता चली ।

हमारा या हमारे मोहल्ले का मामला जरा पेचीदा है, हमारे खंबे पर हमने अपने प्रयासों से एक एस ई से 25 के वी का ट्रांसफार्मर हटवा कर 63 के वी का लगवाया, उस समय एक सब इंजीनियर जबरदस्ती उस पर 25 के वी का ही ट्रांसफार्मर रखवा रहा था, हमने फिर उसी वक्त एस ई से फोन पर बात की , एस ई ने हमसे कहा कि नहीं तोमर साहब वहां 63 के वी का ही ट्रांसफार्मर रखा जायेगा मैंने वहां 63 के वी का ही ट्रांसफार्मर मंजूर किया है और वही वहां रखा जायेगा । 

खैर उसके कुछ बरस बाद वह सब इंजीनियर यहीं मुरैना में ही एस ई बन गया , उसके बाद उसने वो अंधेरगर्दी मचाई कि 5 कनेक्शन वाले ट्रांसफार्मर पर यानि उस हमारे पोल पर केवल तीन कनेक्शन उपभोक्ताओं के और बाद बाकी दो पांइ़ट्स से एक तरफ का आधे मोहल्ले की सभी घरों की पूरी सप्लाई और दूसरे प्वाइंट पर आधी एक अलग गली की सप्लाई , मतलब डबल क्रॉस, यानि पोल के रीडिंग के हिसाब से तीन उपभोक्ताओं पर एवरेज बिलिंग और बाद बाकी मोहल्ले से भी हर घर से अलग-अलग एवरेज बिलिंग , मतलब खंबे और ट्रांसफार्मर की अनाप-शनाप कमाई अलग और बाकी मोहल्ले के हर घर से एवरेज और मीटर्ड बिल दोनों तरह की वसूली अलग । यानि बाकी मोहल्ले में 5 कनेक्शन वाला कोई ट्रांसफार्मर ही नहीं है , अब उनका पोल नंबर और ट्रांसफार्मर नंबर क्या कैलकुलेट किया जायेगा ये तो खुदा जाने , क्योंकि उनकी लाइन पोल ट्रांसफार्मर ही नहीं । ये हमने अपनी पी जी भारत सरकार के रिमांइडर में कल ही सब उल्लेख किया है । 

अब दिक्कत ये है कि बिजली कंपनी वाले सी एम हेल्पलाइन म प्र को कुछ समझते नहीं और लपक कर अर्जी फर्जी तरीके से शिकायतें क्लोज करा देते हैं , इसलिये हम अब सी एम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करते नहीं , मगर खुद म प्र शासन ही अपने आप ही मैपिंग कर खुद ही शिकायत हमारे नाम और नंबर से दर्ज कर देता है और शिकायत चलाता रहता है, अबकी बार सरकार बदल जाने से ही एम हेल्पलाइन कुछ सख्त और खतरनाक तरीके से चल और काम कर रही है, इसलिये वे समझते हैं कि हमने सी एम हेल्पलाइन पर शिकायत फिर दर्ज कर दी , और वे हमारे पोल जोन एरिया की बिजली काटते रहते हैं, हम हालांकि 3 फेज उपभोक्ता है मगर हमें कभी 3 फेज सप्लाई सन् 2010 से मिली ही नहीं केवल सिंगल फेज सप्लाई देते हैं और बिल 3 फेज का देते हैं , पहले तो कई साल तो इसी में ही लगा दिये कि तीनों फेजों को सिंगल फेज में जोड़कर 3 फेज सप्लाई बताते रहे, जब तक वह शिकायत गर्म रही तब तक यह नौटंकी दिखाते रहे , फिर 2010 के बाद क्लीयर कट सिंगल फेज सप्लाई ही चल रही है, खैर ये सारी बातें कल के रिमांइडर में हमने लिखी है, क्योंकि हम जानते हैं कि एक और अगली पी जी आयेगी तो सबके साथ अब सारा ही मसला खुलकर सामने आयेगा । समझे के बी कुछ , चोरों के पीछे मोर पड़े हैं, हम भी अबकी बार कसम खा के बैठै है , आर या पार

सोमवार, 1 मार्च 2021

फिल्म -रूबरू-संजय गुप्ता मांडिल, मुकेश सिंघल व सुनील जैन, शकील शाह, गांधी कालोनी मुरैना के नाले से


ग्‍वालियर टाइम्‍स की 200 वीं फ‍िल्‍म - ग्वालियर टाइम्स का साप्ताहिक रविवारीय विशेष कार्यक्रम - जनता की आवाज , हर रविवार को प्रसारित किया जाने वाला विशेष प्रसारण , इस अंक में संजय गुप्ता ( मांडिल ) मांडिल कम्प्यूटर्स मुरैना , मुकेश सिंघल , सिंघल स्टेशनर्स एवं पुस्तक सदन जयेन्द्र गंज लश्कर ग्वालियर, सुनील जैन , एडवोकेट ग्वालियर , शकील शाह - माहौर चौराहा , तुस्सीपुरा मुरैना और गांधी कालोनी मुरैना के बरसों से साफ नहीं हुये सीवर लाइन से छेके गये नाले से एक मुलाकात


 

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद झल्लाये बिजली कंपनी के कर्मचारी,मुरैना की बिजली सप्लाई ठप्प की

 ग्वालियर टाइम्स , उल्लेखनीय है कि म प्र के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बैठक में कहा था कि उपभोक्ताओं को आकलित खपत के बिल नहीं दें और बड़े बकायादारों से सख्ती से बिल वसूलें , इसके बाद मुरैना बिजली कंपनी के कर्मी इस खबर के प्रकाशित होते ही बुरी तरह से बौखला गये और अचानक दो नंबर की मोटी कमाई हाथ से निकलते देख आज 9 बजकर 53 मिनिट पर ही मुरैना जिले की बिजली शट डाउन कर दी । 

इस खबर के प्रकाशित किये जाने के वक्त तक मुरैना की बिजली गोल है, हालात ये हैं कि इंजीनियर्स तक ऊर्जा मंत्री के इस निर्देश के बाद बुरी तरह से बिलबिलाये और बौखलाये हुये हैं , जो न तो कभी किसी को इतिहास में मीटर से बिल कभी देते ही नहीं थे, खराब मीटर कभी बदलते ही नहीं थे, आकलित खपत के नाम पर भ्रष्टाचार और अंधेरगर्दी कर लूट मचा रहे और उपभोक्ताओं से बिजली चुरा कर रिश्वत देने वालों को लाखों रू की हजारों का बिल देकर बिजली दे रहे , बिजली मगरमच्छों पर तो एकदम वज्रपात सा हुआ है । 

रूबरू - जनता की आवाज - एक फिल्म

 


सात लोग लापरवाह मिले, सातों को कलेक्टर ने दिये नोटिस

 ग्वालियर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा में सेवायें न देने वाले आधा दर्जन अधिकारियों को नोटिस दिये

नगर निगम ग्वालियर ने किये जुर्माने तय ,थूकने पर सौ रूपया , मूतने पर 200 रूपया जुर्माना और जानिये कि बिल्डिंग मटेरियल सड़क पर डाला तो .....

भवन निर्माण सामाग्री फैलाने पर 65 हजार, खुले में पेशाब करने पर 200 व थूकने पर लगाया 100 रुपए जुर्माना 

भवन निर्माण सामाग्री फैलाने पर 65 हजार, खुले में पेशाब करने पर 200 व थूकने पर लगाया 100 रुपए जुर्माना

भवन निर्माण सामाग्री फैलाने पर 65 हजार, खुले में पेशाब करने पर 200 व थूकने पर लगाया 100 रुपए जुर्माना


मेले में आने वाले सैलानियों को प्रदर्शनी के माध्यम से योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ लाभ भी उपलब्ध कराया जायेगा मेले में सभी विभाग शीघ्रता से अपनी प्रदर्शनी स्थापित करें – सीईओ कान्याल

ग्वालियर के ऐतिहासिक मेले में आने वाले सैलानियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनका लाभ भी दिलाया जायेगा। मेले में 24 से अधिक शासकीय कार्यालयों द्वारा अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रदर्शनी लगाने के साथ ही सैलानियों को योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जायेगा। सीईओ जिला पंचायत श्री किशोर कान्याल की अध्यक्षता में बुधवार को ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के सभाकक्ष में विभागीय योजनाओं की प्रदर्शनी के संबंध में बैठक में यह तय किया गया है।
    प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले ग्वालियर व्यापार मेले में इस बार कोविड-19 के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए कोविड गाइडलाइन का पालन भी सुनिश्चित किया जायेगा। मेले में आने वाले प्रत्येक सैलानी की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। इसके साथ ही सभी लोगों को मेले में भ्रमण के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य किया जायेगा। मेले में लगने वाली प्रदर्शनियों को तत्काल लगाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया है। बैठक में जिन विभागों द्वारा अपने-अपने विभाग की प्रदर्शनी लगाने की सहमति प्रदान की गई है उनमें जनसंपर्क, स्वास्थ्य, महिला-बाल विकास, उद्योग, कृषि, नगर निगम, ग्वालियर विकास प्राधिकरण, स्मार्ट सिटी, आदिम जाति कल्याण विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि शामिल हैं।
    सीईओ जिला पंचायत श्री कान्याल ने उद्योग विभाग के अधिकारियों से कहा है कि एक जिला एक उत्पाद पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया जाए। जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन भी मेले में किया जायेगा। इस प्रदर्शनी में प्रदेश भर में किए जा रहे विकास कार्यों को छायाचित्रों के माध्यम से दर्शाया जायेगा। इसके साथ ही शासन की योजनाओं से संबंधित प्रचार साहित्य का वितरण भी प्रदर्शनी में किया जायेगा।
    नगर निगम के माध्यम से मेले में आयोजित प्रदर्शनी में समग्र स्वच्छता अभियान के तहत ग्वालियर शहर में किए जा रहे विशेष प्रयासों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ आम लोगों को भी स्वच्छता के कार्य में सहभागी बनने के लिये जागरूक किया जायेगा। इसी प्रकार स्मार्ट सिटी के माध्यम से शहर में किए जा रहे कार्यों को भी आम जनों के सामने प्रदर्शित करने का कार्य किया जायेगा।
    बैठक में मेला सचिव श्री निरंजन श्रीवास्तव, अपर संचालक जनसंपर्क श्री जी एस मौर्य, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री राजीव सिंह, उपसंचालक कृषि श्री आनंद बड़ोनिया सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

रिलायंस ने दिए मेला प्राधिकरण को 2 हजार मास्क

    बैठक में रिलायंस ग्रुप की ओर से कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिये जन सहयोग के रूप में 2 हजार मास्क मेला प्राधिकरण को प्रदत्त किए हैं। मेला प्राधिकरण द्वारा मेला अवधि में आने वाले सैलानियों में से जिनके पास मास्क उपलब्ध न होगा उन्हें मास्क उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी की जायेगी। सीईओ जिला पंचायत श्री किशोर कान्याल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वे मेला अवधि में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम हेतु अपना एक स्टॉल मय दल के साथ स्थापित करें 

गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या नहीं रहना चाहिए कलेक्टर सिंह ने सीईओ जिला पंचायत के साथ किया ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण

गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या नहीं होना चाहिए। इसके लिये स्थापित सभी हैंडपम्प ठीक रहें और ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ आवश्यकता है वहाँ नल-जल योजनायें चालू की जाएं। कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बुधवार को डबरा विकासखण्ड के ग्राम महाराजपुरा एवं छीमक के भ्रमण के समय यह निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री किशोर कान्याल, एसडीएम डबरा श्री प्रदीप कुमार शर्मा एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
    कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने महाराजपुरा ग्राम पहुँचकर हाईस्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल में जन सहयोग से फर्नीचर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्कूल के आस-पास साफ-सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से स्कूल के दोनों ओर शाइन बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने ग्रामीणों से चर्चा की और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में पूछताछ की। एसडीएम श्री प्रदीप कुमार शर्मा को निर्देश दिए गए कि शासन द्वारा आदिवासी महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए पोषण आहार हेतु दिए जाने की योजना का भौतिक सत्यापन कराया जाए। जिन लोगों को भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है उन्हें तत्परता से लाभ दिलाने की कार्रवाई की जाए।

    कलेक्टर ने इसके पश्चात ग्राम छीमक का निरीक्षण किया। गाँव में प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने हेतु आवास निर्माण कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ग्राम में स्थापित तीन हैंडपम्प जो चालू हालत में नहीं हैं उन्हें तत्काल चालू कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही गाँव में नल-जल योजना का कार्य भी करने को कहा गया। कलेक्टर ने जिन लोगों को नवीन खाद्यान्न पर्ची नहीं मिली है उन्हें पात्रता अनुसार पर्ची वितरण कराने को कहा। इसके साथ ही ग्राम के ट्रांसफार्मर को भी बदलवाने के लिये विद्युत मण्डल से संपर्क कर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। 


शासकीय भूमियों के विक्रय हेतु स्थल भ्रमण एवं प्री-बिड बैठक आज इच्छुक व्यक्ति भ्रमण एवं बैठक में शामिल हों

 मध्यप्रदेश शासन द्वारा लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन के तहत ग्वालियर सिटी सेंटर स्थित तीन परिसम्पत्तियों को विक्रय करने हेतु 25 फरवरी को स्थल भ्रमण एवं प्री-ब्रिड बैठक का आयोजन किया गया है।

    अपर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के अनुसार राज्य शासन द्वारा ग्वालियर में अलकानगर ग्राम मेहरा, डोंगरपुर सिरोल तिराहा तथा कोस्मो आनंदा सिरोल की सम्पत्ति के विक्रय हेतु स्थल भ्रमण एवं शाम 4 बजे से 6 बजे तक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में प्री-बिड बैठक का आयोजन रखा गया है। उक्त भूमियों को क्रय करने के इच्छुक राजस्व विभाग के दल के साथ 25 फरवरी को दोपहर 12 से 1.30 बजे तक अलकानगर ग्राम मेहरा, दोपहर 1.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक डोंगरपुर सिरोल तिराहा तथा दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक कोस्मो आनंदा सिरोल का स्थल निरीक्षण कर सकते हैं। स्थल निरीक्षण के पश्चात प्री-बिड बैठक में शामिल हो सकते हैं।
    अपर कलेक्टर श्री तिवारी ने बताया कि स्थल भ्रमण के समय प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं राजस्व विभाग की टीम शामिल रहेगी। प्री-बिड बैठक में भूमि क्रय करने वालों से चर्चा उपरांत निर्णय लिया जायेगा। उक्त भूमियों को क्रय करने के इच्छुक व्यक्ति 25 फरवरी को निर्धारित समय पर स्थल निरीक्षण और प्री-बिड बैठक में शामिल हो सकते हैं। स्थल भ्रमण एवं प्री-बिड बैठक के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिये तहसीलदार सिटी सेंटर श्री कुलदीप दुबे से मोबा. 8964973309 पर संपर्क किया जा सकता है।

सहरिया परिवार की वरिष्ठ महिला को मिलता है हर माह एक हजार रूपए आहार अनुदान शेष सहरिया परिवारों से पंजीयन कराने की अपील

 जिले में निवासरत जिन सहरिया परिवारों की वरिष्ठ महिला अभी तक मुख्यमंत्री आहार अनुदान योजना से नहीं जुड़ीं हैं, उन सभी को अपने क्षेत्र की जनपद पंचायत नगरीय निकाय में संपर्क करने का आग्रह किया गया है। साथ ही जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं नगर निगम के अधिकारियों से भी कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र के सहरिया परिवारों की वरिष्ठ महिलाओं को इस योजना का लाभ दिलवाएँ।

    ज्ञात हो प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों में शुमार सहरिया जनजाति परिवार की वरिष्ठ महिला मुखिया को मुख्यमंत्री आहार अनुदान योजना के तहत हर माह एक हजार रूपए आहार अनुदान के रूप में दिए जाते हैं। प्रदेश सरकार द्वारा यह योजना विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को कुपोषण मुक्त करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
    योजना के तहत सहरिया परिवारों को कुपोषण से मुक्त करने के लिये परिवार की वरिष्ठ महिला मुखिया को प्रतिमाह एक हजार रूपए आहार अनुदान दिया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिये सहरिया परिवार मध्यप्रदेश का मूलनिवासी हो, परिवार का कोई सदस्य शासकीय सेवा में न हो एवं आयकरदाता न हो। महिला सदस्य का आधार लिंक खाता, परिवार की समग्र आईडी/सदस्य आईडी, (हितग्राही का MPTAAS पर प्रोफाइल पंजीयन) होना अनिवार्य है।
    सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री एच बी शर्मा ने बताया कि जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आहार अनुदान योजनांतर्गत हितग्राहियों के लिए लॉगिन आईडी पासवर्ड उपलब्ध कराया गया है। माह जुलाई 2020 से संबंधित क्षेत्र की लॉगइन आईडी पर जानकारी दर्ज कर हितग्राहियों को आहार अनुदान का भुगतान MPTAAS के द्वारा किया जा रहा है। इसके लिये हितग्राही संबंधित जनपद पंचायत घाटीगाँव, डबरा, मुरार, भितरवार एवं आयुक्त नगर निगम ग्वालियर, नगर परिषद डबरा, भितरवार, पिछोर में संपर्क कर सकते हैं।

अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा कार्यालय का स्थान परिवर्तन

 अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा ग्वालियर-चंबल संभाग के कार्यालय का स्थान परिवर्तित हो गया है। अब यह कार्यालय कस्तूरबा चौराहा कम्पू के समीप संचालित होगा। पहले यह कार्यालय मोतीमहल में संचालित था।

बिजली कंपनी में दाखिल किया सूचना का अधिकार का आवेदन , झल्लाये और बौखलाये बिजली कंपनी के लोग , चार दिन से मुरैना में दिन रात लगातार मैराथन जली कटौती

  कल दिया गया सूचना का अधिकार का आवेदन  आवेदन अंतर्गत धारा  6  ,  सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 Through E Mail And By Speed Post Signaured Co...